BJP ने NC से राज्य सभा सीट के लिए संपर्क किया: फारूक अब्दुल्ला

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फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी के साथ सीट साझा करने का प्रस्ताव ठुकराया नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जम्मू और कश्मीर में राज्यसभा चुनाव से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस से सीट साझा करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। अब्दुल्ला ने पार्टी मुख्यालय में…

BJP ने NC से राज्य सभा सीट के लिए संपर्क किया: फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी के साथ सीट साझा करने का प्रस्ताव ठुकराया

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जम्मू और कश्मीर में राज्यसभा चुनाव से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस से सीट साझा करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। अब्दुल्ला ने पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बीजेपी ने उनसे कहा था कि वे चौथे राज्यसभा सीट के लिए चुनाव न लड़ें और इसके बदले एक सीट का इंतजाम किया जाएगा।

अब्दुल्ला ने कहा, “वे हमारे पास आए और कहा, ‘चुनाव मत लड़ो, हमें सीटें दो और एक ले लो।’ हमने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। हम मैदान में उतरे और मुकाबला किया।” उनके इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने राजनीतिक सिद्धांतों के प्रति दृढ़ता दिखाई है।

राज्यसभा चुनाव में राजनीतिक रणनीतियों की हलचल

राज्यसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक परिदृश्य में कई परिवर्तन और गठबंधनों की बातचीत हुई। अब्दुल्ला ने कांग्रेस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), और स्वतंत्र विधायकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवारों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “यह उनके समर्थन के कारण ही हम तीन सीटें जीतने में सफल रहे। मैं मेहबूबा जी की पार्टी, कांग्रेस और लंगेट और शोपियां के स्वतंत्र विधायकों का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने हमारे साथ खड़े होकर हमारा साथ दिया।”

जब अब्दुल्ला से पूछा गया कि क्या चौथी सीट हारने का कारण गलत अनुमान या तैयारी की कमी थी, तो उन्होंने इस दावे को प्रचार बताया। उन्होंने कहा, “अगर हम तैयार नहीं होते, तो हमें 21 वोट कैसे मिलते?” इस प्रकार, उन्होंने अपनी पार्टी की तैयारी और मेहनत पर जोर दिया।

साजिश के आरोपों पर अब्दुल्ला का स्पष्टीकरण

सजाद लोन द्वारा एनसी और बीजेपी के बीच “फिक्स मैच” के आरोपों को अब्दुल्ला ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “हमेशा आरोप लगे हैं। यहां तक कि हमारे नबी (पीबीएचयू) पर भी आरोप लगे थे। हम साधारण लोग हैं; हम ऐसी बातों का सामना करेंगे।” यह बयान राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की तीव्रता को दर्शाता है।

जब अब्दुल्ला से 200 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गुस्से में कहा, “बिजली मुफ्त नहीं हो सकती। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब भी मैंने कहा था कि बिजली मुफ्त नहीं है। हम सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों पर हजारों करोड़ खर्च करते हैं। हमें बिजली के लिए भुगतान करना होगा।” यह बयान उनके गंभीर दृष्टिकोण को दर्शाता है।

जम्मू और कश्मीर के मुद्दों को उठाने का आश्वासन

अब्दुल्ला ने लोगों को आश्वासन दिया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नए निर्वाचित राज्यसभा सदस्य जम्मू और कश्मीर की आवाज को ऊपरी सदन में उठाएंगे। उन्होंने कहा, “आप देखेंगे कि वे कौन से मुद्दे उठाते हैं। पार्टी जम्मू और कश्मीर के लोगों के हितों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।” यह बयान उनके नेतृत्व में पार्टी की दिशा को स्पष्ट करता है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू और कश्मीर से चार राज्यसभा सीटों में से तीन सीटें जीती हैं, जबकि बीजेपी ने एक सीट पर कब्जा किया। यह चुनाव 24 अक्टूबर 2025 को हुआ था, और इसके परिणामों ने क्षेत्रीय राजनीति में एक नया मोड़ दिया है।