उत्तर प्रदेश में मानसून का कहर: अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट, 75 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मानसून की सक्रियता के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के सभी 75 जिलों के लिए आगामी पांच दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान केवल बारिश ही नहीं, बल्कि तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं ने उत्तर प्रदेश के ऊपर एक मजबूत दबाव का क्षेत्र बना लिया है। इसके कारण प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों ही अंचलों में बादलों का डेरा रहेगा। गुरुवार से शुरू हुआ यह बारिश का सिलसिला अगले पांच दिनों तक लगातार जारी रहने की संभावना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कहीं-कहीं मध्यम तो कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
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किन जिलों में सबसे ज्यादा असर?
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को भारी बारिश के लिए चिन्हित किया गया है। जिन प्रमुख जिलों में सबसे अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है, उनमें कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर, जालौन, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, बरेली, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, बाराबंकी, बदायूं, शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में प्रशासन को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, मथुरा, अयोध्या, गोरखपुर, हाथरस, एटा, कासगंज, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, महोबा, ललितपुर, बांदा, फतेहपुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, मऊ, बलिया, अलीगढ़, गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, देवरिया, कुशीनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश की प्रबल संभावना है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या कच्चे मकानों में शरण न लें।
मानसून का इतिहास और यूपी में आगमन
उत्तर प्रदेश में मानसून का आगमन हर साल अलग-अलग समय पर होता रहा है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसून की चाल में काफी अनिश्चितता देखने को मिली है। वर्ष 2022 में मानसून 20 से 25 जून के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुआ था, जबकि 2023 में यह 24 जून को बिहार के रास्ते बलिया और देवरिया होते हुए राज्य में दाखिल हुआ था। वहीं, 2024 में मानसून ने 25 जून को ललितपुर के रास्ते प्रवेश किया था। इस वर्ष, यानी 2025 में मानसून ने 18 जून को ही झांसी, ललितपुर और सोनभद्र के रास्ते यूपी में दस्तक दे दी थी। आगामी समय के लिए अनुमान लगाया जा रहा है कि 2026 में मानसून 27 जून के बाद ही राज्य में सक्रिय हो पाएगा।
- सुरक्षा उपाय: भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों से बचें और बिजली के खंभों या तारों से उचित दूरी बनाए रखें।
- कृषि सलाह: किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि फसलों को नुकसान न हो।
- अद्यतन जानकारी: मौसम से जुड़ी पल-पल की जानकारी के लिए स्थानीय समाचार माध्यमों और मौसम विभाग के आधिकारिक अलर्ट पर नजर रखें।
- आपातकालीन सहायता: किसी भी अनहोनी या बाढ़ जैसी स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करें।
मौसम विभाग का यह अलर्ट उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। भारी बारिश के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो सकती है और यातायात बाधित होने की संभावना है। अतः, लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। राज्य सरकार भी स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।





