उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ा: भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन ने जारी की हाई अलर्ट की चेतावनी
देवभूमि उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने 9 और 10 जुलाई, 2026 के लिए विशेष चेतावनी जारी की है, जिसमें आकाशीय बिजली गिरने और तीव्र वर्षा के दौर का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने इसे देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और जलभराव का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग की मानें तो इस दौरान कहीं-कहीं पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। राज्य प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है। बचाव और राहत दलों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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9 जुलाई: कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 9 जुलाई के लिए राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चम्पावत जिलों में स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है, जिसके चलते इन जनपदों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया है।
इसके अतिरिक्त, राज्य के अन्य जनपदों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है।
10 जुलाई: बारिश का सिलसिला रहेगा जारी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 10 जुलाई को भी राहत मिलने के आसार कम हैं। इस दिन पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर जनपदों में भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के लिए येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
मानसून के इस दौर में पहाड़ी सड़कों पर मलबा गिरने और यातायात बाधित होने की आशंका बनी रहती है। लोक निर्माण विभाग (PWD) को सड़कों को खोलने के लिए आवश्यक मशीनरी और कर्मचारियों को संवेदनशील बिंदुओं पर तैनात रखने का निर्देश दिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए ही बनाएं।
प्रशासन की जनता से अपील और सुरक्षा निर्देश
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव, विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और न ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की यात्रा करें।
- यात्रा से बचें: खराब मौसम के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों और नदी-नालों के पास जाने से बचें।
- सुरक्षित स्थान: गरज-चमक के दौरान ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थान पर रहें।
- आधिकारिक सूचना: केवल सरकारी और आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर ही विश्वास करें।
- आपातकालीन संपर्क: किसी भी संकट की स्थिति में तत्काल स्थानीय जिला प्रशासन या आपातकालीन सहायता नंबर 1070/112 पर कॉल करें।
सरकार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे मानसून के दौरान 24×7 सतर्कता बनाए रखें। स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) को किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन की प्राथमिकता जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।





