चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख: विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया चित्रकूट दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों में संवेदनशीलता बरती जाए और किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम मंडल में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि आम जनता को समय रहते इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्यों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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300 बेड वाले मेडिकल कॉलेज और बुनियादी ढांचे पर जोर
चित्रकूट के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 300 शैय्याओं वाले नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि के चयन की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जल्द से जल्द उपयुक्त भूमि चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेजें ताकि निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। इसके अलावा, मंदाकिनी नदी के पुनरुत्थान को लेकर भी उन्होंने कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जो इस क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- स्वास्थ्य सेवाएं: 300 बेड वाले मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि का त्वरित चिन्हांकन।
- पर्यावरण संरक्षण: मंदाकिनी नदी के पुनरुत्थान और सफाई के लिए ठोस कार्ययोजना।
- गोवंश संरक्षण: निराश्रित गोवंश के बेहतर प्रबंधन और उनके संरक्षण के लिए प्रभावी कदम।
- आर्थिक सशक्तिकरण: युवाओं और किसानों को स्वरोजगार के लिए ऋण वितरण में तेजी लाना।
- पेयजल योजना: ‘जल जीवन मिशन’ के तहत चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करना।
- कानून व्यवस्था: सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई।
951 करोड़ की सौगात से बदलेगी चित्रकूट की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे के दौरान चित्रकूट और मानिकपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 951 करोड़ रुपये की लागत वाली 124 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक सम्मान, छात्र कल्याण और समावेशी विकास ही ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की असली आधारशिला है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के हर कोने में समान विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते खतरों को देखते हुए सीएम योगी ने प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था को बिगाड़ने वाले और अफवाहों के जरिए समाज में वैमनस्य पैदा करने वाले तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्कता बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ बनी रहे।
विकास की नई गति और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने चित्रकूट के विकास को एक नई गति प्रदान की है। उन्होंने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय कर ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि आत्मनिर्भर चित्रकूट की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा।
अपने दो दिवसीय दौरे के क्रम में मुख्यमंत्री गुरुवार को भी चित्रकूट और बांदा जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे स्थानीय जन प्रतिनिधियों और जनता से संवाद कर जमीनी हकीकत को और करीब से समझने का प्रयास करेंगे। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि हर जिले को एक विशेष पहचान दी जाए और वहां के स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया जाए। चित्रकूट का यह दौरा इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।





