Crime: यूपी में प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का मुख्य शूटर गिरफ्तार

Summary

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सनसनी फैला देने वाले प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड के मामले में एसटीएफ (STF) को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी सचिन कुमार को पुलिस ने बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पीजीआई…

लखनऊ में चर्चित प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड: एक लाख का इनामी शूटर सचिन कुमार एसटीएफ के हत्थे चढ़ा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सनसनी फैला देने वाले प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड के मामले में एसटीएफ (STF) को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी सचिन कुमार को पुलिस ने बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पीजीआई थाना क्षेत्र के अंतर्गत किसान पथ ओवरब्रिज के पास डलौना इलाके से हुई है। इस गिरफ्तारी के साथ ही हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने की दिशा में पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है।

पकड़े गए आरोपी के पास से पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त की गई 32 बोर की एक अवैध पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की अपाचे बाइक और 2200 रुपये नकद बरामद किए हैं। एसटीएफ की इस त्वरित कार्रवाई ने राज्य में कानून-व्यवस्था के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को एक बार फिर से साबित कर दिया है। आरोपी के पास से बरामद हथियार और बाइक इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में अहम साक्ष्य साबित होंगे।

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दिनदहाड़े हत्या और पुलिस की कार्रवाई का लंबा सफर

घटनाक्रम के अनुसार, 27 मई 2026 को लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने जांच का जिम्मा संभाला और एक-एक कर साजिशकर्ताओं को सलाखों के पीछे पहुंचाना शुरू किया। इससे पहले मुख्य साजिशकर्ता समेत गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गौरतलब है कि इस मामले का मुख्य शूटर संजय उर्फ संजीव 27 जून को पुलिस मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

संजय की मौत के बाद से ही सचिन कुमार पुलिस की नजरों से बचकर भाग रहा था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और पुलिस को चकमा देने की कोशिश में था। हालांकि, एसटीएफ की इंटेलिजेंस टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। आखिरकार, जब वह किसी काम से लखनऊ पहुंचा, तो एसटीएफ ने घेराबंदी करके उसे दबोच लिया।

साजिश और खौफनाक वारदात का खुलासा

पुलिस की पूछताछ में सचिन कुमार ने हत्याकांड की पूरी कहानी बयां की है। आरोपी ने स्वीकार किया कि घटना वाले दिन वह बाइक चला रहा था, जबकि पीछे बैठा संजय ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा था। हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि दिनेश यादव की संदीप सिंह से पुरानी दुश्मनी थी, जिसके चलते उसने इस हत्या की पटकथा लिखी।

  • साजिश का मास्टरमाइंड: दिनेश यादव ने अपने ड्राइवर मुकर्रबीन के जरिए शूटरों से संपर्क साधा।
  • फंडिंग और प्लानिंग: गंगाराम यादव के माध्यम से शूटरों को एडवांस राशि पहुंचाई गई।
  • रेकी: संदीप सिंह के घर, ऑफिस और आने-जाने के रास्तों की सटीक जानकारी आरोपियों को मुहैया कराई गई थी।
  • हथियार की बरामदगी: वारदात के बाद हथियार को जमीन में गाड़कर छिपा दिया गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

फरारी के दौरान कई शहरों में छिपा था आरोपी

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि घटना को अंजाम देने के बाद सचिन कुमार ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई शहरों की खाक छानी। वह अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या, आजमगढ़ और यहां तक कि मुंबई में भी छिपता रहा। साथी संजय की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद सचिन बुरी तरह डर गया था। उसे लगा कि अब पुलिस उसे जल्द ही पकड़ लेगी, इसलिए वह कानूनी दांव-पेच के जरिए कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की फिराक में था। इसी सिलसिले में वह वकील से मुलाकात करने लखनऊ आया था, लेकिन एसटीएफ ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया।

फिलहाल, पीजीआई थाने में दर्ज मुकदमे के तहत आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी और भी कई कड़ियां बाकी हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस अब उन लोगों की तलाश में जुटी है जिन्होंने फरार रहने के दौरान सचिन को पनाह दी थी। इस गिरफ्तारी से मृतक के परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद और अधिक प्रबल हो गई है।