Seedance 2.0 Video Ai:चीन का नया एआई वीडियो टूल हुआ वायरल, 15 सेकंड में बना सकता है हॉलीवुड फिल्म जैसा सीन – Bytedance Launches Seedance 2.0 Major Shift Ai Video Generation And Its Impact On Global Cinema

Summary

चीन की टिकटॉक की पैरेंट कंपनी ByteDance ने Seedance 2.0 नाम का नया AI वीडियो मॉडल लॉन्च किया है, जो टेक्स्ट, इमेज और ऑडियो से 20 सेकंड तक के सिनेमैटिक वीडियो बना सकता है। सोशल मीडिया पर इसे Hollywood is cooked कहकर वायरल किया जा रहा है। लेकिन इस टेक्नोलॉजी के साथ कॉपीराइट, डीपफेक और रेगुलेशन…

Seedance 2.0 Video Ai:चीन का नया एआई वीडियो टूल हुआ वायरल, 15 सेकंड में बना सकता है हॉलीवुड फिल्म जैसा सीन – Bytedance Launches Seedance 2.0 Major Shift Ai Video Generation And Its Impact On Global Cinema

चीन की टिकटॉक की पैरेंट कंपनी ByteDance ने Seedance 2.0 नाम का नया AI वीडियो मॉडल लॉन्च किया है, जो टेक्स्ट, इमेज और ऑडियो से 20 सेकंड तक के सिनेमैटिक वीडियो बना सकता है। सोशल मीडिया पर इसे Hollywood is cooked कहकर वायरल किया जा रहा है। लेकिन इस टेक्नोलॉजी के साथ कॉपीराइट, डीपफेक और रेगुलेशन जैसे बड़े सवाल भी खड़े हो गए हैं। आपको बता दें कि ये एक एआई वीडियो टूल इतने असली और सिनेमैटिक वीडियो बना रहा है कि एक्सपर्ट्स अब हॉलीवुड के भविष्य पर सवाल उठने लगा है। लाइटिंग से लेकर कैरेक्टर की बनावट तक ये टूल डायरेक्ट-लेवल कंट्रोल कर रहा है।



Seedance 2.0 क्या है?


सीडेंस 2.0 ByteDance (टिकटॉक की पैरेंट कंपनी) का एडवांस AI वीडियो जेनरेशन मॉडल है। इसे 10 फरवरी 2026 को Jimeng AI प्लेटफॉर्म पर लिमिटेड बीटा में लॉन्च किया गया है। ये यूजर्स को टेक्स्ट प्रॉम्ट, फोटो, वीडियो रेफरेंस और ऑडियो के जरिए चार से 20 सेकंड तक के हाई-क्वालिटी वीडियो क्लिप बनाने देता है। कंपनी का दावा है कि डायरेक्टर-लेवल कंट्रोल देता है। यानि यूजर कैमरा एंगल, मूवमेंट, लाइटिंग और सीन पर ज्यादा कंट्रोल रख सकता है। 

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क्यों वायरल हुआ सीडेंस 2.0?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिनेमैटिक लाइटिंग, स्मूद कैमरा मूवमेंट, रियलिस्टिक कैरेक्टर, हाई-ड्रामा एक्शन सीन से बने सैंपल की वजह से तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दिखाए गए विजुल्स एकदम असली लगते हैं। इसे देखते हुए कई यूजर्स ने ये भी लिखा है कि हॉलीवुड इज कुक्ड। यानि अब फिल्म इंडस्ट्री खतरे में है। तो क्या सच में चीन के इस एआई टूल से हॉलीवुड की फिल्म में कोई असर पड़ेगा?

 

सीडेंस 2.0 में नया क्या है?

सीडेंस में कुछ बेहतरीन फीचर्स है, जो इसे पुराने एआई टूल्स से अलग पहचान देते हैं। जैसे:

1. बेहतर मोशन और फिजिक्स

पुराने AI वीडियो टूल्स में अक्सर अजीब मूवमेंट दिखता था बाल तैरते थे, पानी असली नहीं लगता था। सीडेंस 2.0 में ग्रेविटी ज्यादा रियल लगती है। कपडुे और लाइटिंग नैचुरल लगते हैं और ऑब्जेक्ट्स का इंटरैक्शन ज्यादा भरोसेमंद दिखता है। 

2. लंबी वीडियो क्लिप

पहले के टूल्स में सिर्फ पांच से आठ सेकंड की क्लिप ही बना सकते थे, लेकिन इसमें अब लगभग 20 सेकंड तक लगातार कंसिस्टेंट वीडियो मिल सकता है। जो सोशल मीडिया एड या शॉर्ट स्टोरी के लिए काफी माना जाता है। 

3. बेहतर प्रॉम्प्ट समझ

ऐसा माना जा रहा है इस नए एप में प्रॉम्प्ट की समझ पहले से कई अधिक है। जैसे मान लीजिए आप लाल गेंद टेबल से गिरकर फर्श पर उछले लिखते हैं, तो मॉडल अब इसे ज्यादा सटीक तरीके से दिखा सकता है।

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क्यों कहा जा रहा है Hollywood is Cooked ?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हो रहे वीडियो इसके गवाह हैं। लोग टॉम क्रूज और ब्रैड पिट जैसे सितारों को लेकर ऐसी फिल्में बना रहे हैं जो उन्होंने कभी साइन ही नहीं कीं। इसकी सबसे बड़ी खूबी है इसके कैरेक्टर कंसिस्टेंस यानी हर फ्रेम में चेहरा और लाइटिंग बिल्कुल वैसी ही रहती है, जो अब तक के किसी एआई टूल के लिए मुश्किल था।

किस एप को दे रहा सीडेंस 2.0 टक्कर?

एआई वीडियो स्पेस में पहले से मौजूद है। जैसे ओपन एआई का सोरा, गूगल का वीईओ, रनवे जेन-4 जैसे टूल्स की तुलना में सीडेंस 2.0 को मजबूत माना जा रहा है। ByteDance का फायदा यह है कि उसके पास टिकटॉक जैसे बड़े वीडियो प्लेटफॉर्म का डेटा और समझ है।

एक्सपर्ट्स की चिंता क्यों बढ़ रही है?

एक तरह जहां दुनियाभर में इसकी चर्चाएं है, लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में चिंता की लहर दौड़ रही है। एक्सपर्ट्स का तर्क है कि चीन को कॉपीराइट की परवाह नहीं है, इसलिए उनका एआई मॉडल हॉलीवुड की फिल्मों और सितारों को बेझिझक मिमिक कर रहा है। जेस्टिन मूर जैसे टेक दिग्गजों का मानना है कि यह टूल जल्द ही सोशल मीडिया फीड पर कब्जा कर लेगा, जिससे डीपफेक और कानूनी पेचीदगियां बढ़ सकती हैं। इसे लेकर एक्सपर्ट्स की कुछ इन विषयों पर चिंताएं हैं:

 


  • कॉपीराइट मुद्दे

AI मॉडल अगर फिल्मी कैरेक्टर या असली एक्टर्स जैसा कंटेंट बनाए, तो कानूनी विवाद हो सकता है।


  • डीपफेक खतरा

रियलिस्टिक वीडियो गलत जानकारी फैलाने या फर्जी वीडियो बनाने में इस्तेमाल हो सकते हैं।


  • रेगुलेशन की बहस

कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन में कॉपीराइट नियम कम सख्त हैं, जिससे ऐसे मॉडल तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।



डेवलपर्स के लिए क्यों अहम?


वीडियो जेनरेशन अब प्रयोग से आगे बढ़कर प्रोडक्शन टूल बन रहा है। एआई वीडियो स्टार्टअप्स के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं। मार्केटिंग, सोशल मीडिया, एजुकेशन और गेमिंग इंडस्ट्री में इसका बड़ा असर हो सकता है। हालांकि अभी इसका API एक्सेस सीमित है और पब्लिक रोलआउट बाकी है।



क्या कंपनी ने कोई दावा किया है?


सीडेंस 2.0 ने साफ कर दिया है कि AI वीडियो टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है। यह फिल्ममेकिंग को सस्ता और तेज बना सकती है, लेकिन साथ ही कानूनी और नैतिक चुनौतियां भी बढ़ा सकती है। फिलहाल इतना तय है कि एआई वीडियो अब सिर्फ मजेदार डेमो नहीं, बल्कि इंडस्ट्री-लेवल टूल बनने की दिशा में बढ़ चुका है।

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