हिंदू पंचांग में विभिन्न योगों का महत्वपूर्ण स्थान होता है। इनमें से एक विशेष और प्रभावशाली योग है रवि योग। इस योग के अंतर्गत किए गए कार्यों का फल शुभ और सकारात्मक होता है, जिससे व्यक्ति को सफलता, आत्मविश्वास और भाग्य की प्राप्ति होती है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा निवासी पंडित एवं ज्योतिषाचार्य सौरभ त्रिपाठी के अनुसार, “यह योग सूर्यदेव की ऊर्जा से जुड़ा हुआ है, जिससे इस योग में किए गए कार्यों में ऊर्जा, प्रकाश और सकारात्मकता का अधिक प्रभाव रहता है।”
रवि योग की परिभाषा
रवि योग को सूर्य देव का विशेष योग माना जाता है। यह योग तब बनता है जब सूर्य और चंद्रमा की स्थिति विशेष रूप से अनुकूल होती है। इस समय किए गए पूजा, साधना, दान या अन्य शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस योग में किया गया कोई भी कार्य विघ्नरहित और सफल होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में उन्नति, सफलता और समृद्धि आती है।
रवि योग का शुभ मुहूर्त 4 नवंबर 2025
- तारीख: मंगलवार, 4 नवंबर 2025
- समय: सुबह 06:35 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक
यह समय रवि योग का सबसे शुभ काल माना जाएगा। इस अवधि में किए गए अच्छे कार्यों में सफलता की संभावना अधिक होती है। चाहे आप किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हों या पूजा-पाठ करना चाहते हों, यह मुहूर्त आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा।
रवि योग में करने योग्य कार्य
1. नया काम शुरू करें:
यदि आप किसी नए व्यापार, नौकरी, स्टार्टअप या प्रोजेक्ट की शुरुआत करने की सोच रहे हैं, तो रवि योग आपके लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। इस समय किया गया नया कार्य सफलता की दिशा में आगे बढ़ता है और लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम देता है।
2. शिक्षा और निवेश से जुड़ा कार्य:
रवि योग में पढ़ाई की शुरुआत करना, नया कोर्स जॉइन करना या किसी नई स्किल को सीखना बहुत लाभकारी होता है। इसके साथ ही, जो लोग शेयर बाजार या प्रॉपर्टी में निवेश करने का विचार कर रहे हैं, उनके लिए भी यह समय शुभ माना जाता है।
3. गृह प्रवेश या मकान से जुड़ा कार्य:
यदि आप अपने नए घर में प्रवेश करने या भूमि पूजन का विचार कर रहे हैं, तो रवि योग में यह कार्य करना अत्यंत मंगलकारी रहेगा। इस योग में गृह प्रवेश करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
4. दान-पुण्य करें:
इस दिन अन्नदान, वस्त्रदान, भूमि दान या किसी जरूरतमंद की सहायता करना बहुत शुभ माना जाता है। यह पुण्य कई गुना बढ़कर फल देता है। सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए गुड़, गेहूं या लाल वस्त्र का दान करना विशेष फलदायी रहता है।
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रवि योग में किन कार्यों से बचें
1. बाल या दाढ़ी कटवाना:
रवि योग के दिन बाल, नाखून या दाढ़ी कटवाने से बचना चाहिए। इससे सूर्य की कृपा में बाधा आती है और इसे अशुभ माना जाता है।
2. झूठ बोलना और अपमान करना:
इस दिन किसी का अपमान करने, झूठ बोलने या बुरा बोलने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। रवि योग में हमेशा सत्य बोलें, दूसरों का सम्मान करें और अपने व्यवहार को संयमित रखें।
रवि योग में सूर्यदेव के उपाय
1. सूर्य को अर्घ्य दें:
सुबह के समय एक तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें लाल फूल, गुड़ और चावल डालें। पूर्व दिशा की ओर मुंह करके “ॐ घृणि सूर्याय नमः” या “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें। इससे जीवन में ऊर्जा, आत्मविश्वास और सफलता आती है।
2. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें:
रवि योग में सूर्यदेव की कृपा पाने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना है। यह पाठ व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक शक्ति को बढ़ाता है और कठिन परिस्थितियों से उबरने में मदद करता है।
3. लाल वस्त्र, गेहूं या गुड़ का दान करें:
रवि योग के दिन लाल रंग से जुड़े वस्त्र, गेहूं या गुड़ का दान करने से दरिद्रता और असफलता के दोष समाप्त होते हैं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता आती है।
4. माणिक्य रत्न धारण करें:
यदि आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर है, तो ज्योतिषाचार्य की सलाह से माणिक्य धारण करना लाभदायक रहेगा। यह रत्न आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सम्मान बढ़ाने में मदद करता है।
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4 नवंबर 2025 को बन रहा रवि योग एक अत्यंत शुभ संयोग है। इस दिन सूर्यदेव की उपासना करें, उन्हें अर्घ्य अर्पित करें और दान-पुण्य करें। इससे न केवल आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। यदि यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो इस आर्टिकल को शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।





