Wealth: गोवर्धन पूजा पर इन मंत्रों का जाप से मिलेगा सुख-वैभव

Summary

गोवर्धन पूजा के दिन भक्तों द्वारा भगवान श्री कृष्ण की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें विभिन्न मंत्रों का जाप करने का भी विशेष महत्व है। गोवर्धन पूजा के दौरान मंत्रों का उच्चारण करने से भक्तों को भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता…

Wealth: गोवर्धन पूजा पर इन मंत्रों का जाप से मिलेगा सुख-वैभव

गोवर्धन पूजा के दिन भक्तों द्वारा भगवान श्री कृष्ण की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें विभिन्न मंत्रों का जाप करने का भी विशेष महत्व है। गोवर्धन पूजा के दौरान मंत्रों का उच्चारण करने से भक्तों को भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे उनके जीवन में धन, अन्न और समृद्धि की कोई कमी नहीं होती। इस दिन गिरिराज गोवर्धन और गौ माता की स्तुति करने से सभी कष्टों का निवारण होता है और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। इस वर्ष, गोवर्धन पूजा का आयोजन **2025** में **बुधवार, 22 अक्टूबर** को किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर, हम वृंदावन के ज्योतिषाचार्य **राधाकांत वत्स** से जानते हैं गोवर्धन पूजा के मंत्रों के महत्व और उनके उच्चारण के लाभों के बारे में।

गिरिराज गोवर्धन का ध्यान मंत्र

गिरिराज गोवर्धन की उपासना के लिए एक महत्वपूर्ण मंत्र है: “श्री गोवर्धन महाराज! तेरो माथे मुकुट बिराज रहेयो। तोपे चढ़े दूध, दही, मेवा और फल, तेरी जय हो गोवर्धन महाराज।” यह मंत्र भगवान गोवर्धन के दिव्य स्वरूप का वर्णन करता है। इस मंत्र का जाप करने से भक्तों को भगवान श्री कृष्ण का सीधा आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह मंत्र जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का संचार करता है। इसके द्वारा भक्त अपनी आस्था और भक्ति को प्रकट करते हैं, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान होता है।

गोवर्धन पूजा के मंत्र 2025

भगवान कृष्ण का मूल मंत्र

गोवर्धन पूजा के लिए एक और महत्वपूर्ण मंत्र है: “क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा।” इस मंत्र का जाप करने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं और भक्तों के घर में अन्न, धन और समृद्धि की कभी कमी नहीं होती। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट के रूप में मनाया जाता है, जिसमें विभिन्न प्रकार के व्यंजन भगवान को अर्पित किए जाते हैं। यह मंत्र न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति का भी माध्यम है। भक्त इसे पूरे श्रद्धा के साथ उच्चारण करते हैं, जिससे उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

कृष्ण समर्पण मंत्र

एक सरल और शक्तिशाली मंत्र है: “श्री कृष्ण शरणं मम।” इस मंत्र का जाप करने से भक्त भगवान कृष्ण की शरण में पूरी तरह से समर्पित हो जाता है। गोवर्धन पूजा के दिन इस मंत्र का उच्चारण करने से जीवन के भय और चिंताओं का निवारण होता है, जिससे मन को शांति मिलती है। यह मंत्र भक्तों को आत्मिक बल और साहस प्रदान करता है, जिससे वे अपने जीवन की कठिनाइयों का सामना कर सकें।

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image credit: herzindagi