दीपावली 2025: 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा महापर्व
20 अक्टूबर 2025 के दिन दीपावली का महापर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। यह दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पड़ता है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। इस विशेष दिन पर अमावस्या प्रदोष काल में रहेगी, जिससे लक्ष्मी पूजा और गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06 बजकर 56 मिनट से 08 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। यह समय मां लक्ष्मी की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और शक्तिशाली माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि इस दिन खरीदारी से लेकर पूजा-पाठ तक के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनका लाभ भक्त उठा सकते हैं। इस दिन का विशेष महत्व न केवल धार्मिक दृष्टि से है बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसे अत्यधिक खास माना जाता है।
धार्मिक महत्व: भगवान राम का अयोध्या लौटना
20 अक्टूबर 2025 का दिन दीपावली के कारण धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन भगवान राम ने 14 वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने की खुशी में पूरा नगर दीपों से सजाया था। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस रात को धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी और बुद्धि के देवता गणेश जी की पूजा की जाती है।
मान्यता है कि इस रात विधिपूर्वक पूजा करने से मां लक्ष्मी पूरे वर्ष घर में वास करती हैं और दरिद्रता दूर होती है। इसलिए इसे ‘महानिशा’ या ‘महालक्ष्मी पूजन की रात’ भी कहा जाता है। इस दिन की पूजा का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक भी है, क्योंकि यह परिवारों को एक साथ लाने का काम करती है।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण: दीपावली का शुभ संयोग
ज्योतिषीय दृष्टि से, दीपावली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। 20 अक्टूबर को अमावस्या तिथि के साथ प्रदोष काल और निशीथ काल का शुभ संयोग बन रहा है, जो लक्ष्मी पूजन के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
इस दिन सूर्य तुला राशि में रहेंगे और अमावस्या के कारण चंद्रमा अस्त होगा, जिससे रात का समय घोर अंधकारमय होगा। इस अंधकार को दूर करने के लिए दीप जलाए जाते हैं। इसके अलावा, इस विशेष दिन पर ग्रहों का शुभ संयोग भी बन रहा है, जिससे लक्ष्मी पूजन स्थिर लग्न (वृषभ, सिंह या कुंभ) में करना अत्यंत फलदायी होगा।
दीपावली के दिन करें ये उपाय
दीपावली के दिन शाम को शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें। पूजा में मां लक्ष्मी को कमलगट्टा, पीली कौड़ी और खील-बताशे जरूर अर्पित करें। पूजा के बाद पूरे घर में और मुख्य द्वार पर दीये जलाएं ताकि कोई भी कोना अंधेरा न रहे।
पूजा के पश्चात, धन की स्थिरता के लिए एक सरल उपाय करें। पूजा में चढ़ाई गई 5 पीली कौड़ियों और 5 कमलगट्टों को एक लाल कपड़े में बांधकर एक छोटी पोटली बना लें। इस पोटली को अगले दिन चुपचाप अपनी तिजोरी या जहां आप पैसे रखते हैं, वहां रख दें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय से मां लक्ष्मी की कृपा आपके घर में बनी रहती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है।
इसके अतिरिक्त, रात को अपने मुख्य द्वार पर देसी घी का एक चौमुखी दीपक जलाना और उसे रातभर जलने देना भी अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।
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