राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने स्थानीय निकाय चुनावों से पहले चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए दावा किया है कि राज्य में 9.6 मिलियन फर्जी मतदाता जोड़े गए हैं। उन्होंने यह जानकारी रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दी। ठाकरे ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि जब तक फर्जी मतदाताओं का मुद्दा हल नहीं होता, तब तक महाराष्ट्र में चुनाव न कराए जाएं।
फर्जी मतदाताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग
राज ठाकरे ने कहा, “मुझे विश्वसनीय जानकारी मिली है कि 9.6 मिलियन फर्जी मतदाता जोड़े गए हैं। यह महाराष्ट्र और देश के मतदाताओं का अपमान है। सभी समूह अध्यक्ष, शाखा अध्यक्ष और चुनाव सूची के प्रमुख को घर-घर जाकर मतदाताओं की संख्या की जांच करनी चाहिए। मैं चुनाव आयोग से अनुरोध करता हूं कि जब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक चुनाव न कराए जाएं।”
शिवसेना (UBT) की बैठक का ऐलान
इसी बीच, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने रविवार को महाराष्ट्र में चुनाव अधिकारियों के साथ एक बैठक की योजना की घोषणा की। इस बैठक में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में पार्टी के अन्य नेता भी शामिल होंगे। इस बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची में विसंगतियों के मुद्दों पर चर्चा करना है। राउत ने कहा कि ठाकरे, राज ठाकरे और शरद पवार जैसे अन्य नेता इस बैठक में अधिकारियों से मिलकर मतदाता सूची में विसंगतियों के मुद्दे को उठाएंगे।
चुनावों में गड़बड़ी का आरोप
राउत ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान इलेक्टोरल अनियमितताएँ और “मैच-फिक्सिंग” होती हैं, जिसके लिए एक गहन जांच की आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी “मैच-फिक्सिंग” का आरोप लगाया और 1 नवंबर को मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ एक बड़ा मार्च आयोजित करने की घोषणा की। इस मार्च में उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे और अन्य विपक्षी नेता शामिल होंगे।
स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी में शिवसेना
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महायुति गठबंधन बड़ी जीत हासिल करेगा। शिंदे ने कहा, “शिवसेना हमेशा तैयार है। हम 24/7 काम करते हैं। महायुति स्थानीय निकाय चुनावों में बड़े अंतर से जीतने जा रही है।”
राहुल गांधी का फर्जी मतदाता आरोप
इस साल की शुरुआत में, राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, जो नवंबर 2024 में हुए थे, “धांधली” के शिकार हुए थे। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बिहार विधानसभा चुनावों में भी दोहराई जा सकती है। गांधी ने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में फर्जी मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले पांच महीनों में जो मतदाता जोड़े गए, उनकी संख्या पिछले पांच वर्षों में जोड़े गए मतदाताओं से अधिक है।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के बीच, राज ठाकरे और अन्य राजनीतिक नेताओं के बीच मतदाता सूची में विसंगतियों को लेकर उठते सवाल चुनावी माहौल को और भी गर्म कर रहे हैं। इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की भूमिका और उसके द्वारा उठाए गए कदमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग इस स्थिति का कैसे सामना करता है और क्या सच में फर्जी मतदाताओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी।





