Market में 7 शीर्ष कंपनियों ने जोड़े 2.16 लाख करोड़ रुपये

Summary

भारत की शीर्ष कंपनियों का मार्केट वैल्यूएशन बढ़ा नई दिल्ली: भारत की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से सात का संयुक्त बाजार मूल्य पिछले सप्ताह 2.16 लाख करोड़ रुपये बढ़ा। इस वृद्धि का प्रमुख कारण भारती एयरटेल और अन्य प्रमुख स्टॉक्स में आई मजबूत बढ़त थी। यह वृद्धि व्यापक बाजार में सकारात्मक प्रवृत्ति के…

Market में 7 शीर्ष कंपनियों ने जोड़े 2.16 लाख करोड़ रुपये

भारत की शीर्ष कंपनियों का मार्केट वैल्यूएशन बढ़ा

नई दिल्ली: भारत की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से सात का संयुक्त बाजार मूल्य पिछले सप्ताह 2.16 लाख करोड़ रुपये बढ़ा। इस वृद्धि का प्रमुख कारण भारती एयरटेल और अन्य प्रमुख स्टॉक्स में आई मजबूत बढ़त थी।

यह वृद्धि व्यापक बाजार में सकारात्मक प्रवृत्ति के अनुरूप आई, जैसा कि BSE Sensex ने पिछले सप्ताह 1,451.37 अंक या 1.75 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। बाजार में यह हलचल निवेशकों के भरोसे के साथ-साथ कंपनियों के मजबूत कॉर्पोरेट कमाई के परिणामों से प्रेरित थी।

बाजार में प्रमुख कंपनियों की स्थिति

शीर्ष 10 कंपनियों में HDFC बैंक, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बजाज फाइनेंस, और हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अपने बाजार पूंजीकरण में वृद्धि की।

  • भारती एयरटेल: कंपनी ने 41,254.73 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 11.47 लाख करोड़ रुपये का मूल्य हासिल किया।
  • ICICI बैंक: का बाजार पूंजीकरण 40,123.88 करोड़ रुपये बढ़कर 10,26,491.35 करोड़ रुपये हो गया।
  • HDFC बैंक: ने 33,185.59 करोड़ रुपये जोड़े, जिससे इसका मूल्य 15,40,210.78 करोड़ रुपये हो गया।
  • बजाज फाइनेंस: का मूल्यांकन 28,903.45 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 6,65,899.19 करोड़ रुपये हो गया।
  • हिंदुस्तान यूनिलीवर: ने 17,774.65 करोड़ रुपये की वृद्धि के बाद 6.12 लाख करोड़ रुपये का बाजार मूल्य प्राप्त किया।
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया: का मूल्य 7,938.34 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 8.21 लाख करोड़ रुपये हो गया।

नुकसान में रहने वाली कंपनियाँ

हालांकि, Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, और Life Insurance Corporation of India (LIC) ने अपने मूल्यांकन में कमी देखी।

  • Infosys: का मूल्य 30,306.35 करोड़ रुपये घटकर 5.99 लाख करोड़ रुपये हो गया।
  • TCS: का मार्केट वैल्यू 23,807.01 करोड़ रुपये घटकर 10.72 लाख करोड़ रुपये हो गया।
  • LIC: का बाजार पूंजीकरण 7,684.87 करोड़ रुपये की कमी के साथ 5.60 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

निवेशकों का विश्वास और बाजार की दिशा

विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में वैल्यूएशन में यह वृद्धि निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है, जो मजबूत कॉर्पोरेट कमाई और शेयरों में सकारात्मक भावना से समर्थित है। बाजार में यह सकारात्मकता आने वाले समय में और भी बढ़ सकती है, जिससे निवेशकों के लिए अवसर पैदा होंगे।

भारतीय बाजार की स्थिति इस बात का संकेत है कि अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है और कंपनियों के प्रदर्शन में वृद्धि हो रही है। यह न केवल बड़े निवेशकों के लिए बल्कि छोटे निवेशकों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है, जो अपनी पूंजी को सही दिशा में लगाने की सोच सकते हैं।

कुल मिलाकर, भारत की शीर्ष कंपनियों का बाजार मूल्य बढ़ना एक स्वस्थ आर्थिक संकेत है, जो भविष्य में और संभावनाओं को जन्म दे सकता है।