नई दिल्ली: ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बर्लिन में सीमेंस एनर्जी के कार्यकारी बोर्ड की सदस्य एन्ने-लॉर पार्रिकल डे चामार्ड से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों के विकास में सहयोग को बढ़ावा देना था। चर्चा के दौरान भारत के स्वच्छ ऊर्जा पर निरंतर ध्यान और अपने देश को कम उत्सर्जन और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।
गोयल ने शुक्रवार को अपनी मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए ट्विटर पर लिखा, “एन्ने-लॉर पार्रिकल डे चामार्ड से मिलकर खुशी हुई। हमारी चर्चा में अधिक विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों के निर्माण के लिए सहयोग को गहरा करने पर जोर दिया गया। कंपनी की ऊर्जा क्षेत्र में उत्सर्जन कम करने की विशेषज्ञता भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और विकास की आकांक्षाओं के साथ अच्छी तरह मेल खाती है।”
भारत की ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाएं
बैठक का मुख्य ध्यान उन अवसरों की पहचान करना था जहाँ वैश्विक इंजीनियरिंग कंपनियाँ भारत के तेजी से विकसित होते औद्योगिक और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों के साथ सहयोग कर सकें। इस दिशा में, गोयल ने भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ भी बातचीत की और उनके विभिन्न क्षेत्रों में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा, “बर्लिन में जीवंत भारतीय समुदाय से मिलकर खुशी हुई। हम उनके द्वारा की गई उपलब्धियों पर गर्व करते हैं। उन्हें भारत की वृद्धि में भागीदार बनने और भारत-जर्मनी संबंधों को और गहरा करने के लिए प्रेरित किया।”
उद्योग और वित्तीय सहयोग को बढ़ाने की दिशा में आगे के कदम
बर्लिन यात्रा के दौरान, गोयल ने एबीबी ग्रुप के सीईओ मोर्टन वियेरोड से भी मुलाकात की। इस बातचीत में भारत में निर्माण और बुनियादी ढाँचे में हो रहे विकास पर चर्चा की गई। गोयल ने ट्विटर पर लिखा, “मोर्टन वियेरोड से मिला। भारत में निर्माण, बुनियादी ढाँचे, और स्वच्छ ऊर्जा में तेजी से हो रहे विकास के बारे में साझा किया। यह एबीबी ग्रुप के लिए हमारे विकास कहानी के साथ गहरे भागीदारी के अवसर प्रस्तुत करता है।”
भारत और अमेरिका के बीच वित्तीय सहयोग को सुदृढ़ करना
गोयल ने बैंक ऑफ अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष बर्नार्ड मेंसा से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत और अमेरिका के बीच वित्तीय सहयोग को गहरा करने के उपायों पर चर्चा की गई। उन्होंने लिखा, “बर्नार्ड मेंसा से मिला। भारत-अमेरिका वित्तीय सहयोग को गहरा करने, निवेश का विस्तार करने और किस प्रकार जारी सुधार और अनुकूल व्यापार माहौल भारत में निवेशक विश्वास को मजबूत कर रहे हैं, पर चर्चा की।”
एयरोस्पेस और प्रौद्योगिकी में सहयोग के नए अवसर
इसके अलावा, गोयल ने एयरबस के अध्यक्ष रेन ओबेरमैन के साथ भी बैठक की। इस बैठक में एयरोस्पेस और प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ाने के संभावित मार्गों पर चर्चा की गई। गोयल ने कहा, “रेन ओबेरमैन के साथ शानदार बैठक हुई। मुझे भारत की विकास कहानी में उनका विश्वास सुनकर खुशी हुई। हमने चर्चा की कि एयरबस भारत में अपने साझेदारी को और मजबूत करने की योजना बना रहा है, देश की अद्भुत इंजीनियरिंग और तकनीकी प्रतिभा, भविष्य की नीति पहलों, और व्यापार करने में आसानी के सुधार का लाभ उठाकर।”
निष्कर्ष: भारत का वैश्विक मंच पर बढ़ता प्रभाव
इन सभी बैठकों से स्पष्ट होता है कि भारत वैश्विक ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। भारत की ऊर्जा नीतियों में सुधार, उद्योगों की वृद्धि और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की दिशा में उठाए गए कदम इसे एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनाते हैं। गोयल की बर्लिन यात्रा ने न केवल भारत की विकास यात्रा को नई दिशा दी है, बल्कि यह दर्शाती है कि भारत अपने वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर एक टिकाऊ और स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है।





