Investment पर Diwali और Dhanteras 2025: टैक्स बचाने के तरीके

Summary

दीवाली और धनतेरस पर स्मार्ट निवेश के विकल्प नई दिल्ली: दीवाली और धनतेरस के त्योहार नजदीक आते ही, निवेशक केवल सोना खरीदने तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे ऐसे स्मार्ट निवेश विकल्पों की खोज कर रहे हैं जो दीर्घकालिक समृद्धि और कर लाभ प्रदान करते हैं। इस साल के प्रमुख उत्सव निवेशों में…

Investment पर Diwali और Dhanteras 2025: टैक्स बचाने के तरीके

दीवाली और धनतेरस पर स्मार्ट निवेश के विकल्प

नई दिल्ली: दीवाली और धनतेरस के त्योहार नजदीक आते ही, निवेशक केवल सोना खरीदने तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे ऐसे स्मार्ट निवेश विकल्पों की खोज कर रहे हैं जो दीर्घकालिक समृद्धि और कर लाभ प्रदान करते हैं। इस साल के प्रमुख उत्सव निवेशों में ELSS (इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम्स), NPS (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली), और गोल्ड ETF शामिल हैं। ये सभी निवेश विकल्प अद्वितीय कर लाभ और वित्तीय विकास की संभावनाएं प्रदान करते हैं।

ELSS (इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम्स)

ELSS फंड्स भारतीय करदाताओं के बीच सबसे लोकप्रिय कर-बचत साधनों में से एक हैं, जिन्हें आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत विशेष रूप से टैक्स में छूट प्राप्त होती है। ये फंड प्रति वित्तीय वर्ष 1.5 लाख रुपये तक की कटौती की अनुमति देते हैं। ELSS फंड्स मुख्य रूप से शेयर बाजार में निवेश करते हैं और इनका लॉक-इन अवधि अन्य 80C विकल्पों की तुलना में सबसे कम, केवल तीन साल है। दीर्घकालिक दृष्टिकोण से, ELSS फंड्स ने औसतन 10-15 प्रतिशत का रिटर्न प्रदान किया है, जिससे ये टैक्स बचाने के साथ-साथ संपत्ति निर्माण के इच्छुक लोगों के लिए आदर्श बन जाते हैं।

NPS (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली)

NPS दीर्घकालिक पेंशन योजना के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें निवेशक धारा 80CCD (1B) के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये तक की कर कटौती का दावा कर सकते हैं, जो कि धारा 80C की 1.5 लाख रुपये की सीमा के ऊपर है। इसमें की गई योगदान को शेयरों, सरकारी प्रतिभूतियों और बांडों के मिश्रण में निवेश किया जाता है। सेवानिवृत्ति के समय, निवेशक अपने कोष का 60 प्रतिशत कर-मुक्त निकाल सकते हैं, जबकि शेष राशि का उपयोग स्थिर पेंशन के लिए एन्युइटी खरीदने के लिए किया जाता है। यह प्रणाली न केवल वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि यह कर लाभ भी देती है।

गोल्ड ETF (एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स)

जो लोग सुरक्षा और विविधीकरण को पसंद करते हैं, उनके लिए गोल्ड ETF सोने में निवेश का एक बेहतरीन विकल्प है। यह निवेशक को बिना भंडारण की परेशानी के सोने में निवेश करने का अवसर देता है। हालांकि, गोल्ड ETF कर में छूट प्रदान नहीं करते हैं, लेकिन दीर्घकालिक लाभ (12 महीने के बाद) पर 12.5 प्रतिशत की दर से कर लगाया जाता है, जो इन्हें भौतिक सोने की तुलना में अधिक कर-कुशल बनाता है। इस प्रकार, निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोने के ETF को शामिल करके न केवल सुरक्षा हासिल कर सकते हैं, बल्कि कर लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।

निष्कर्ष

इस दीवाली और धनतेरस, निवेशक अपनी वित्तीय योजनाओं को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। चाहे वह ELSS हो, NPS, या गोल्ड ETF, प्रत्येक विकल्प अपने-अपने तरीके से लाभदायक है। सही जानकारी और समझ के साथ, निवेशक दीर्घकालिक समृद्धि की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं, साथ ही साथ टैक्स बचत का भी लाभ उठा सकते हैं।