नई दिल्ली: धनतेरस पर वाहन खरीद में उछाल
नई दिल्ली: धनतेरस के अवसर पर लोगों ने जोश-खरोश के साथ वाहन खरीदने की ओर रुख किया। इस साल धनतेरस का त्योहार शनिवार को मनाया गया, जिसके चलते डिलीवरी कई दिनों में फैली हुई हैं। इस दिन वाहन निर्माताओं ने उम्मीद जताई है कि उपभोक्ता मांग में काफी वृद्धि हुई है।
हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) के पूर्णकालिक निदेशक और COO तरुण गर्ग ने कहा, “हम मजबूत ग्राहक मांग देख रहे हैं, और डिलीवरी लगभग 14,000 इकाइयों के आसपास रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 20% अधिक है।” उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक प्रवृत्ति त्योहार की भावना, बाजार के अनुकूल वातावरण और GST 2.0 सुधारों के प्रेरणादायक प्रभाव से संचालित हो रही है।
धनतेरस पर खरीदारी का उत्सव
इस सप्ताह HMIL ने गर्ग को 1 जनवरी 2026 से कंपनी का नया MD और CEO नियुक्त करने की घोषणा की। गर्ग 1996 में कंपनी की स्थापना के बाद से हुंडई मोटर इंडिया का नेतृत्व करने वाले पहले भारतीय होंगे। वहीं, धनतेरस पर पूरे भारत में भारी खरीदारी का नजारा देखने को मिला, जहां कुल व्यापार का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है, जो हाल के वर्षों में सबसे मजबूत त्योहार सीज़न में से एक है।
इस दौरान सोने और चांदी की बिक्री अकेले 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की रही, जबकि दिल्ली के बाजारों में लेन-देन 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का दर्ज किया गया। इस बार देश में स्वदेशी उत्पादों की मांग में भी काफी वृद्धि देखने को मिली है।
धनतेरस का महत्व और व्यापार का आंकड़ा
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल और चांदनी चौक से सांसद ने कहा कि धनतेरस भगवान धन्वंतरि के समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश के साथ प्रकट होने का प्रतीक है, जो स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है।
खंडेलवाल ने बताया कि “देश भर में सोने, चांदी और अन्य धनतेरस से संबंधित सामानों का कुल व्यापार 1 लाख करोड़ रुपये के मूल्य का होने का अनुमान है।” पिछले दीवाली पर सोने की कीमतें लगभग 80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थीं, जबकि इस साल यह 1,30,000 रुपये से अधिक हो गई हैं, जो लगभग 60% की वृद्धि है। चांदी की कीमतों में भी तेज़ी आई है, जो 2024 में 98,000 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 1,80,000 रुपये से अधिक हो गई है, जो लगभग 55% की वृद्धि है।
उत्सव के दौरान ग्राहकों की मानसिकता
इस साल धनतेरस पर उपभोक्ताओं की खरीदारी करने की प्रवृत्ति ने बाजार में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। विशेष रूप से युवा वर्ग ने नए वाहनों की ओर आकर्षित होकर खरीदारी की है। इस अवसर पर कई कंपनियों ने विशेष छूट और ऑफ़र भी पेश किए हैं, जिससे ग्राहकों को और भी प्रोत्साहन मिला है।
धनतेरस केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज में समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति का प्रतीक भी है। इस दिन की खरीदारी न केवल व्यक्तिगत सुख और समृद्धि की कामना करती है, बल्कि यह पूरे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाती है।
निष्कर्ष
धनतेरस का यह उत्सव न केवल उपभोक्ताओं के लिए बल्कि व्यापारियों के लिए भी लाभदायक साबित हुआ है। इस बार का धनतेरस पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सफल और यादगार रहा है। वाहन खरीद में वृद्धि और व्यापार के आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि भारतीय बाजार में त्योहारों का महत्व और भी बढ़ता जा रहा है।





