सोने की कीमतों में गिरावट का कारण
मुंबई: हाल ही में सोने की कीमतें $4,000 प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गई हैं। पिछले सप्ताह के मुकाबले सोने की कीमतों में 2.7 प्रतिशत की कमी आई है, जो अब $3,984.43 प्रति औंस पर दर्ज की गई है। यह जानकारी सोमवार को आई।
भारत बुलियन और ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की 10 ग्राम की कीमत दिन के कारोबार में रु 1,21,113 रही। इस गिरावट के पीछे के कारणों में अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव में कमी और डॉलर इंडेक्स का तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचना शामिल है।
चांदी की कीमतों में भी गिरावट
सोने और चांदी की कीमतों में पिछले सप्ताह एक तेज़ रैली के बाद गिरावट देखने को मिली। बीजिंग द्वारा कुछ खुदरा विक्रेताओं के लिए लंबे समय से चल रहे कर छूट को समाप्त करने के निर्णय ने दुनिया के सबसे बड़े बुलेन बाजारों में से एक में मांग को कमजोर करने की संभावना जताई है।
हालांकि इस गिरावट के बावजूद, सोना वर्ष के शुरूआत से अब तक 50 प्रतिशत से अधिक महंगा हो गया है, जो केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और सुरक्षित निवेश के लिए बढ़ती मांग के कारण हुआ है। वहीं, चांदी की कीमतें भी त्यौहारी सीजन के दौरान लगभग रु 2 लाख प्रति किलो के उच्च स्तर तक पहुँचने के बाद तेजी से गिर गई हैं।
चांदी की मौजूदा कीमतें
भारतीय बुलियन और ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, चांदी की एक किलो की कीमत रु 1,49,660 है। हालांकि, कई विशेषज्ञ इसे एक अस्थायी चरण मानते हैं और निकट भविष्य में कीमतों में फिर से उछाल की उम्मीद करते हैं।
विश्लेषकों की राय
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका में बांड यील्ड 4 प्रतिशत से ऊपर जाने के कारण निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों में रुचि कम हुई है। फेड चेयर जेरेमी पॉवेल के द्वारा दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की कोई गारंटी नहीं होने की टिप्पणी ने भी बाजार के मनोबल को प्रभावित किया है। फिर भी, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने सोने की कीमतों को समर्थन प्रदान किया है।
सोने और चांदी के लिए समर्थन और प्रतिरोध स्तर
विश्लेषकों ने बताया कि सोने को रु 1,20,870 से रु 1,20,480 के स्तर पर समर्थन प्राप्त है, जबकि प्रतिरोध रु 1,21,890 से रु 1,22,300 के क्षेत्र में है। चांदी के लिए समर्थन रु 1,47,450 से रु 1,46,750 के स्तर पर है, जबकि प्रतिरोध रु 1,49,340 से रु 1,50,280 के क्षेत्र में है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, वैश्विक बाजारों में हो रही घटनाओं के चलते सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में स्थिरता लाने के लिए निवेशकों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आने वाले समय में केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर नजर रखना आवश्यक होगा।





