Neeraj Chopra: राजनाथ सिंह ने उन्हें मानद लेफ्टिनेंट कर्नल बनाया

Summary

नीरज चोपड़ा को मिला लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को दक्षिण ब्लॉक में आयोजित एक पिपिंग समारोह में स्टार जैवलिन थ्रोअर और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को मानद सैनिक का दर्जा प्रदान किया। इस अवसर पर उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की चमकदार पदवी से सम्मानित किया…

Neeraj Chopra: राजनाथ सिंह ने उन्हें मानद लेफ्टिनेंट कर्नल बनाया

नीरज चोपड़ा को मिला लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को दक्षिण ब्लॉक में आयोजित एक पिपिंग समारोह में स्टार जैवलिन थ्रोअर और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को मानद सैनिक का दर्जा प्रदान किया। इस अवसर पर उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की चमकदार पदवी से सम्मानित किया गया।

नीरज चोपड़ा ने 26 अगस्त 2016 को भारतीय सेना में नैब सूबेदार के पद पर जूनियर कमीशन अधिकारी के रूप में भर्ती हुए थे और उन्होंने राजपूताना राइफल्स के साथ अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस उच्च सम्मान तक पहुँचाया है।

नीरज चोपड़ा की उपलब्धियाँ

नीरज ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में ट्रैक और फील्ड में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। इसके बाद, उन्होंने 2023 में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता और 2024 पेरिस ओलंपिक में रजत पदक हासिल किया। इन उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय खेलों में एक नई पहचान दिलाई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा और उनके परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें “सहनशीलता, देशभक्ति और उत्कृष्टता की खोज में भारतीय आत्मा का प्रतीक” बताया।

भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस समारोह में भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। राजनाथ सिंह ने कहा, “लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रीय गर्व के उच्चतम आदर्शों का प्रतीक हैं। वह खेलों और सशस्त्र बलों में आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।”

नीरज चोपड़ा का रिकॉर्ड और पुरस्कार

नीरज चोपड़ा के नाम पर एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और डाइमंड लीग इवेंट्स में कई स्वर्ण पदक भी हैं। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो 90.23 मीटर (2025) भारतीय खेल इतिहास में एक मील का पत्थर है। इस थ्रो ने उन्हें एक नई पहचान दी है और उन्होंने भारतीय खेलों में एक नई लहर पैदा की है।

उनकी अनूठी उपलब्धियों और देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए, लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा को 16 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मानद कमीशन प्रदान किया गया।

इसके पूर्व, उन्हें पद्म, महान ध्याण चंद खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, परम विशिष्ट सेवा पदक, और विशिष्ट सेवा पदक से भी नवाजा गया है। नीरज चोपड़ा का यह सम्मान न केवल उनके लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उनके द्वारा स्थापित मानकों ने युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं।

भविष्य की उम्मीदें

नीरज चोपड़ा का यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि यह युवा भारतीय खिलाड़ियों के लिए भी एक प्रेरणा है। उनकी मेहनत और संघर्ष ने यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अब उनकी नजरें 2028 लॉस एंजेल्स ओलंपिक पर हैं, जहाँ वे और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करने के लिए तैयार हैं।

इस प्रकार, नीरज चोपड़ा की कहानी हमें यह सिखाती है कि कड़ी मेहनत, समर्पण और देशभक्ति का क्या महत्त्व होता है। उनके द्वारा दिखाए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन ने न केवल उन्हें सम्मानित किया है, बल्कि उन्होंने पूरे देश को गर्व महसूस करवा दिया है।