मुंबई: दीवाली मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बदलने की ऐतिहासिक घोषणा
भारत के शेयर बाजारों में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। दशकों बाद, दीवाली मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बदल दिया गया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) आज विशेष ट्रेडिंग सत्र का आयोजन दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे के बीच करेंगे, जो कि पूर्व में शाम के समय में होता था। यह परिवर्तन नए हिंदू वित्तीय वर्ष, सम्वत 2082 की शुरुआत का प्रतीक है।
मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा और महत्व
मुहूर्त ट्रेडिंग को हमेशा से एक शुभ अवसर माना जाता है, जो विश्वास और वित्त का एक संगम है। ट्रेडर्स और निवेशकों का मानना है कि इस समय के दौरान ट्रेड करने से साल भर समृद्धि और शुभता मिलती है। इस विशेष अवसर पर, बाजार में उत्साह और निवेशक की सकारात्मक भावना का माहौल होता है।
इस साल के मुहूर्त ट्रेडिंग के कार्यक्रम के अनुसार, प्री-ओपन सत्र दोनों एक्सचेंजों पर 1:30 बजे शुरू होगा, उसके बाद एक घंटे का मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र चलेगा। इस दौरान की गई सभी ट्रेडिंग सामान्य निपटान नियमों के तहत होगी, जिसका अर्थ है कि डिलीवरी और भुगतान के दायित्व सामान्य ट्रेडिंग दिवस की तरह पूरे किए जाएंगे।
कमोडिटी बाजारों में भी भागीदारी
इस दीवाली, कमोडिटी बाजार भी इस त्योहार के ट्रेडिंग में भाग लेंगे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और नेशनल कमोडिटी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) आज विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र का आयोजन करेंगे। MCX का प्री-ओपन सत्र 1:30 बजे से 1:44 बजे तक चलेगा, इसके बाद ट्रेडिंग 1:45 बजे से 2:45 बजे तक होगी।
ग्राहक कोड में संशोधन 3:00 बजे तक किया जा सकेगा। NCDEX भी इसी तरह के कार्यक्रम का पालन करेगा, जिसमें उसका प्री-ट्रेड सत्र 1:30 बजे से 1:45 बजे तक और मुहूर्त ट्रेडिंग 1:45 बजे से 2:45 बजे तक होगी।
दीवाली ट्रेडिंग शेड्यूल
दीवाली ट्रेडिंग शेड्यूल के अनुसार, 22 अक्टूबर (बुधवार) को MCX सुबह के सत्र में बंद रहेगा और शाम 5:00 बजे से 9:00 बजे तक खुलेगा, जबकि NCDEX पूरा ट्रेडिंग अवकाश मनाएगा। दोनों एक्सचेंजों पर सामान्य संचालन 23 अक्टूबर (गुरुवार) से फिर से शुरू होगा।
मुहूर्त ट्रेडिंग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मुहूर्त ट्रेडिंग एक पुरानी दीवाली परंपरा है, जिसकी शुरुआत BSE से 1957 में हुई थी और बाद में 1992 में NSE ने इसे अपनाया। पहले के समय में, ब्रोकर अपने खातों की किताबों की पूजा करने के लिए चोपड़ा पूजा करते थे, ताकि नए वर्ष में धन और सफलता के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया जा सके।
विशेषज्ञों की भविष्यवाणी
बाजार विशेषज्ञ इस साल के मुहूर्त सत्र को सकारात्मक और खुशहाल मान रहे हैं। उनका मानना है कि इस समय सूचकांक हरे रंग में रहेंगे, क्योंकि उत्सव की भावना और मजबूत निवेशक भावना का माहौल रहेगा। इस विशेष अवसर पर, निवेशकों को उम्मीद है कि वे लाभ की प्राप्ति करेंगे और वित्तीय वर्ष की शुरुआत शुभ रहेगी।
इस प्रकार, दीवाली मुहूर्त ट्रेडिंग न केवल एक वित्तीय गतिविधि है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर, सभी निवेशकों को शुभकामनाएँ और समृद्धि की कामना की जाती है।





