Surveillance: अमरोहा के 576 ग्राम पंचायतों में कर्मचारियों पर लगेगा ‘निगरानी का ताला’

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पंचायतों में नया प्रयोग शुरू जागरण संवाददाता, अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की 576 पंचायतों में एक महत्वपूर्ण और नया प्रयोग शुरू किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत कर्मचारियों की उपस्थिति को ट्रैक करना है। इस प्रयोग के अंतर्गत, पंचायत सहायक उनकी…

Surveillance: अमरोहा के 576 ग्राम पंचायतों में कर्मचारियों पर लगेगा ‘निगरानी का ताला’

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पंचायतों में नया प्रयोग शुरू

जागरण संवाददाता, अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की 576 पंचायतों में एक महत्वपूर्ण और नया प्रयोग शुरू किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत कर्मचारियों की उपस्थिति को ट्रैक करना है। इस प्रयोग के अंतर्गत, पंचायत सहायक उनकी उपस्थिति का ब्योरा तैयार करेंगे, जिससे उनकी लेटलतीफी और बहानेबाजी पर नकेल कसी जा सकेगी।

इस प्रक्रिया के तहत, पंचायतों में तीन अलग-अलग रजिस्टर बनाए जाएंगे। इनमें एक रजिस्टर स्कूल के लिए, दूसरा आंगनबाड़ी केंद्र के लिए, और तीसरा ग्राम पंचायत के लिए होगा। हर रजिस्टर के लिए एक विशेष प्रारूप तैयार किया गया है, जिसे पंचायत सहायक भरेगा और इसकी रिपोर्ट नियमित रूप से विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। यह रिपोर्ट रोजाना उपनिदेशक पंचायत कार्यालय को भेजी जाएगी, और उसके बाद मंडलायुक्त के पास जाएगी।

पंचायतों में रजिस्टर का महत्व

जिले में आमतौर पर देखा जाता है कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते और कभी-कभी मनमर्जी से विद्यालय छोड़कर चले जाते हैं। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों पर अक्सर ताला लटका रहता है और समय पर कार्य नहीं किए जाते। पंचायत सचिवालय भी कई बार नहीं खुलते हैं। सामुदायिक शौचालयों पर तैनात केयर टेकर भी उपस्थित नहीं होते हैं। ऐसे में ग्रामीणों की शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंचती रहती हैं।

मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार ने इन समस्याओं का संज्ञान लिया है और कर्मचारियों की मनमर्जी पर अंकुश लगाने की दिशा में कदम उठाने का निर्णय लिया है। उन्होंने हर पंचायत में कर्मचारियों की हाजिरी के लिए अलग-अलग रजिस्टर बनाने और पंचायत सहायक द्वारा रोजाना हाजिरी लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है।

रोजाना रिपोर्टिंग की प्रक्रिया

इस नई प्रक्रिया के माध्यम से, सभी पंचायत सहायकों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि वे रोजाना तीनों रजिस्टर भरें और उन्हें मंडल मुख्यालय भेजें। डीडी पंचायत मुरादाबाद ने सभी डीपीआरओ को इस मामले में अवगत कराते हुए अमल करने के लिए निर्देशित किया है। पंचायती राज विभाग ने इसे लागू करने के लिए सभी पंचायत सहायकों को आवश्यक जानकारी भी दे दी है।

रजिस्टर में दर्ज होने वाले विवरण

रजिस्टरों के प्रारूप में विभिन्न जानकारी दर्ज की जाएगी। स्कूल रजिस्टर में निम्नलिखित विवरण शामिल होंगे:

  • कर्मचारी का नाम और पद नाम
  • मोबाइल नंबर
  • स्कूल आने और जाने का समय
  • कक्षाएं और कक्षा में उपस्थित छात्रों की संख्या
  • मिड डे मील में दिए गए भोजन का नाम
  • ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और निरीक्षणकर्ता के हस्ताक्षर
  • दिनांक

आंगनबाड़ी रजिस्टर में निम्नलिखित जानकारी शामिल होगी:

  • कर्मचारी का नाम और पद नाम
  • मोबाइल नंबर
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के आने और जाने का समय
  • बच्चों का आयु वर्ग और उपस्थित बच्चों की संख्या
  • पुष्टाहार में वितरित की गई सामग्री का नाम
  • प्रधान, सचिव और निरीक्षणकर्ता के हस्ताक्षर
  • दिनांक

ग्राम पंचायत रजिस्टर में दर्ज होने वाली जानकारी में शामिल होंगे:

  • विभाग का नाम
  • कर्मचारी का नाम और पदनाम
  • मोबाइल नंबर
  • कार्यालय आने और जाने का समय
  • प्रधान, सचिव और निरीक्षणकर्ता के हस्ताक्षर
  • दिनांक

विभाग को आदेश और उपस्थिति से संबंधित प्रारूप प्राप्त हो गया है, जिसके आधार पर अमल शुरू किया जाएगा। सभी पंचायत सहायकों को अपनी जिम्मेदारियों से अवगत करवा दिया गया है। रोजाना यह रिपोर्ट मंडल मुख्यालय भेजी जाएगी। तीनों रजिस्टर बनाने के लिए पंचायत सहायकों को निर्देश दिए गए हैं।

— विमल कुमार, एडीपीआरओ

इस नए प्रयोग से उम्मीद की जा रही है कि पंचायतों में कर्मचारियों की उपस्थिति में सुधार होगा और ग्रामीणों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। आने वाले दिनों में इसे लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी।



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