Politics: ‘मुसलमानों ने ही किया अत्याचार…’, साक्षी महाराज का विवादित बयान

उन्नाव: सांसद साक्षी महाराज का मौलाना मदनी के बयान पर तीखा पलटवार जागरण संवाददाता, उन्नाव। हाल ही में मौलाना मदनी के द्वारा वंदेमातरम् और जिहाद के संदर्भ में दिए गए विवादास्पद बयान पर सांसद डा. सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। साक्षी महाराज ने कहा कि इतिहास यह साबित करता है…

Politics: ‘मुसलमानों ने ही किया अत्याचार…’, साक्षी महाराज का विवादित बयान

उन्नाव: सांसद साक्षी महाराज का मौलाना मदनी के बयान पर तीखा पलटवार

जागरण संवाददाता, उन्नाव। हाल ही में मौलाना मदनी के द्वारा वंदेमातरम् और जिहाद के संदर्भ में दिए गए विवादास्पद बयान पर सांसद डा. सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। साक्षी महाराज ने कहा कि इतिहास यह साबित करता है कि अत्याचार का काम मुसलमानों ने ही किया है, और मौलाना के बयान का विरोध करना वह उचित नहीं मानते हैं।

साक्षी महाराज ने आगे कहा कि मौलाना मदनी का वंदेमातरम् पर उठाया गया सवाल सीधे तौर पर राष्ट्र के प्रति उनके विरोध को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम् हमारे देश का राष्ट्रगीत है और इसका विरोध करना भारतीयता के खिलाफ है। उन्होंने भारत सरकार से अपेक्षा की कि मौलाना के इस ओछे बयान पर सख्त कार्रवाई की जाए।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कार्यक्रम में भागीदारी

साक्षी महाराज भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी के आवास पर आयोजित डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान मीडिया के सवालों का सामना करते हुए उन्होंने मौलाना मदनी के बयान को लेकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और यहाँ जिहाद जैसे विचारों के लिए कोई स्थान नहीं है।

साक्षी महाराज ने कहा कि मौलाना मदनी ने जिस तरह से वंदेमातरम् और जिहाद को लेकर विवादित बयान दिए हैं, वह उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विचार कहीं से भी देश के हित में नहीं हैं और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

मौलाना मदनी का बयान: विवाद और प्रतिक्रियाएँ

मौलाना मदनी के बयान ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल मचा दी है। उनके बयान के कारण विभिन्न राजनीतिक दलों और समाज के विभिन्न वर्गों में प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई नेता उनके बयान को न केवल विवादास्पद बल्कि देश के एकता और अखंडता के खिलाफ मानते हैं।

साक्षी महाराज ने भी इस मौके पर यह स्पष्ट किया कि भारत का संविधान और उसके मूल्य सभी नागरिकों के लिए समान हैं, और किसी भी तरह के धर्म या समुदाय के नाम पर भेदभाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट रहकर अपने देश की रक्षा करनी चाहिए।

भाजपा का रुख और आगामी कार्रवाई

भाजपा के नेताओं का मानना है कि मौलाना के बयान ने समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास किया है। ऐसे बयानों को गंभीरता से लेते हुए भाजपा ने अपने स्तर पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी मौलाना मदनी के विचारों की आलोचना की है और कहा है कि इस प्रकार के बयान देश को कमजोर करते हैं।

साक्षी महाराज ने यह भी कहा कि हमें अपने देश की संस्कृति और एकता को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार से अपेक्षा की कि वह ऐसे बयानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

समाज में एकता और सद्भाव की आवश्यकता

इस विवाद के बीच, कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी यह मांग की है कि सभी धर्मों के लोगों को मिलकर एकजुट होकर देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए। समाज में एकता और सद्भाव की आवश्यकता है, जिससे कि सभी लोग एक साथ मिलकर आगे बढ़ सकें।

अंततः, इस प्रकार के मुद्दों पर विचार विमर्श और संवाद का होना आवश्यक है ताकि सभी पक्षों को सुना जा सके और समाज में शांति और सद्भावना बनी रहे। मौलाना मदनी का बयान इस दिशा में एक चुनौती बनकर उभरा है, और साक्षी महाराज जैसे नेताओं की प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस विषय पर गहराई से चर्चा की आवश्यकता है।

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