उत्तर प्रदेश: कंधरापुर में गोतस्करों के साथ मुठभेड़
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाना क्षेत्र में पुलिस और गोतस्करों के बीच एक मुठभेड़ हुई है। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस ने जानकारी प्राप्त की कि कुछ अपराधी प्रतिबंधित गोवंशीय पशुओं की तस्करी कर रहे हैं। घटना टोल प्लाट सेहदा के निकट हुई, जहां पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी की। इस मुठभेड़ में एक अंतरजनपदीय गोतस्कर, जिसका नाम परवेज है, घायल हो गया।
पुलिस ने परवेज को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उन्हें एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि गो तस्कर ट्रक में गोवंशीय पशुओं को लेकर बिहार की ओर जा रहा है। सूचना मिलने पर कंधरापुर थाना पुलिस और स्वाट टीम ने मिलकर ट्रक की प्रतीक्षा शुरू की। इस दौरान एक संदिग्ध ट्रक और कार को आते हुए देखा गया, जिसे रोकने का प्रयास किया गया।
गोतस्करों द्वारा फायरिंग और पुलिस की जवाबी कार्रवाई
जैसे ही पुलिस ने संदिग्ध ट्रक को रुकने का इशारा किया, बदमाशों ने तुरंत फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक गोली गोतस्कर परवेज को लगी, जिससे वह घायल हो गया। गोली लगने के बाद अन्य बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल बदमाश को पकड़ लिया और उसके पास से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए।
पुलिस ने बदमाश के पास से एक पिस्टल, गोली, डस्टर कार और 18 गोवंशीय पशु लदे ट्रक सहित अन्य सामान जब्त किया है। यह घटना अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है और यह दर्शाती है कि पुलिस तस्करी के खिलाफ कितनी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और तस्करी के खिलाफ मुहिम
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह मुठभेड़ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का एक हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार इस तरह की घटनाओं पर नजर रखे हुए है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक गोतस्कर गिरफ्तार, अन्य फरार
- गोतस्करों के पास से जब्त की गई सामग्रियों में शामिल हैं: पिस्टल, डस्टर कार
- पुलिस ने 18 गोवंशीय पशुओं को भी सुरक्षित किया
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश में गो तस्करी जैसे अपराधों के खिलाफ पुलिस की कार्यवाही लगातार जारी है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वे इस तरह की गतिविधियों के बारे में जानकारी दें ताकि अपराधियों पर काबू पाया जा सके।
इस मुठभेड़ ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई ने तस्करी के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है। आगे भी पुलिस ऐसे अपराधों को रोकने के लिए तत्पर रहेगी और जनता से सहयोग की अपेक्षा रखती है।
इस प्रकार की घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि समाज में अपराधियों के खिलाफ एकजुटता और सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है। पुलिस की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि जब लोग मिलकर काम करते हैं, तो वे किसी भी समस्या का समाधान कर सकते हैं।
