चित्रकूट का कायाकल्प: सीएम योगी ने 951 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात, विपक्ष पर साधा निशाना
चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में चित्रकूट दौरे के दौरान विकास की एक नई इबारत लिखी है। जिले में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 951 करोड़ रुपये की लागत वाली 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने न केवल बुंदेलखंड की बदलती तस्वीर का खाका खींचा, बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर जमकर प्रहार भी किया। उन्होंने कहा कि कभी डकैतों के भय और दहशत के लिए पहचाना जाने वाला चित्रकूट आज देश में आस्था और विकास के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार प्रदेश के हर उस कोने तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसे पिछली सरकारों ने उपेक्षित छोड़ दिया था। चित्रकूट की पवित्र भूमि को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि आज यहाँ की सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाएं और पर्यटन के क्षेत्र में हो रहे कार्य इस बात के गवाह हैं कि अगर नीयत साफ हो, तो विकास की गति को कोई नहीं रोक सकता। बुंदेलखंड अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।
विपक्ष पर बरसे सीएम योगी: परिवारवाद और कब्जे की राजनीति का आरोप
विकास कार्यों के बीच सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता आज भी अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का पूरा ध्यान केवल ठेके, पट्टे और जमीनों पर अवैध कब्जे करने तक ही सीमित रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कानून का राज स्थापित है, जिसके कारण प्रदेश में माफियाओं और अवैध कब्जों पर नकेल कसी गई है। उन्होंने कहा कि जब तक जनता का समर्थन ‘डबल इंजन’ सरकार के साथ है, तब तक विकास का पहिया इसी तरह निर्बाध गति से चलता रहेगा।
सीएम योगी ने आगे कहा कि यदि प्रदेश में जनता ने सही समय पर सही निर्णय लिया होता, तो विकास की रफ्तार और अधिक तेज होती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर 2022 में चित्रकूट से डबल इंजन सरकार का विधायक और 2024 में भाजपा का सांसद चुनकर आता, तो चित्रकूट का कायाकल्प अयोध्या, काशी और प्रयागराज की तर्ज पर और भी अधिक भव्य तरीके से किया गया होता। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे विकास के पथ पर चलने वाली सरकार को मजबूती दें ताकि क्षेत्र की हर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
सांस्कृतिक विरासत और विकास का अनूठा संगम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में इस बात पर भी प्रकाश डाला कि उनकी सरकार न केवल भौतिक विकास कर रही है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संजोने का काम भी कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने केवल परिवारवाद और वंशवाद को बढ़ावा दिया, जिससे प्रदेश का संतुलित विकास प्रभावित हुआ। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया का जिक्र करते हुए कहा कि उनके समय में रामायण मेले जैसी परंपराओं की शुरुआत हुई थी, लेकिन आज के समाजवादी नेता अपने ही आदर्शों से भटक चुके हैं।
सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए सीएम ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: चित्रकूट जैसे पौराणिक स्थलों को विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना।
- आधारभूत ढांचे का विस्तार: सड़कों और बुनियादी सुविधाओं के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी को कम करना।
- कानून का शासन: माफियाओं और अपराधी तत्वों से मुक्त प्रदेश बनाने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रखना।
- संतुलित विकास: बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के प्रत्येक जिले और क्षेत्र के लिए समान विकास नीतियां लागू करना।
अंत में, सीएम योगी ने चित्रकूट की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भूमि भगवान श्रीराम की तपोस्थली रही है और यहाँ का विकास करना सरकार के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चित्रकूट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बनकर उभरेगा। विकास की ये 124 परियोजनाएं न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री का यह दौरा और उनकी घोषणाएं बुंदेलखंड के विकास के प्रति सरकार की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।





