आजकल हम अपनी रोजाना की जिंदगी में एआई का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं और कई बार तो हमें इसका पता भी नहीं चलता। एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 73% लोग अपने काम या निजी जीवन में किसी न किसी तरह एआई की मदद ले रहे हैं। इसे एक उदाहरण से समझते हैं। जब आप किसी शॉपिंग वेबसाइट पर जाकर लिखते हैं कि ‘मुझे मैराथन के लिए जूते चाहिए’ और वहां से आपको कुछ सुझाव मिलते हैं तो वह एक एआई चैटबॉट है। इसका काम सिर्फ आपसे बात करना और जानकारी देना है। वहीं दूसरी ओर, अगर कोई बिजनेस एक्सपर्ट एआई से कहे कि ‘पिछले तीन महीनों की सेल्स का हिसाब लगाओ और अगले तीन महीनों के लिए बिजनेस बढ़ाने का प्लान बनाओ’ तो यहां एआई एजेंट काम आता है। यह चैटबॉट से अलग है क्योंकि यह न सिर्फ बातें करता है बल्कि खुद फैसले भी ले सकता है और मुश्किल कामों को पूरा कर सकता है। चैटबॉट्स काफी पुराने हैं और दशकों से चले आ रहे हैं लेकिन एआई एजेंट नई टेक्नोलॉजी है जो पिछले कुछ वर्षों में बहुत एडवांस हुई है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि इन दोनों में क्या फर्क है और आपके काम के लिए कौन सा बेहतर रहेगा।
एआई चैटबॉट क्या है?

एआई चैटबॉट एक ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम है जिसे हमसे इंसानों की तरह लिख कर या बोल कर बात करने के लिए बनाया गया है। यह हमारी बातों को समझने के लिए खास तकनीक का इस्तेमाल करता है। इसे पहले से कुछ नियम और जानकारियां सिखा दी जाती हैं, जिसके आधार पर यह हमारे सवालों के तुरंत जवाब देता है। लेकिन इसकी एक सीमा है, अगर आप इससे कुछ ऐसा पूछें जो इसे नहीं सिखाया गया है या कोई पेचीदा काम करने को कहें तो यह उसे समझ नहीं पाता और अटक जाता है।
एआई चैटबॉट के उपयोग

चैटबॉट्स का इस्तेमाल आजकल कई जगहों पर हो रहा है, जैसे कस्टमर केयर में जहां ये सामान की वापसी या डिलीवरी से जुड़े सवालों के तुरंत जवाब दे देते हैं। साथ ही, ये ऑफिसों में आईटी सपोर्ट का काम भी आसान कर देते हैं, जैसे किसी कर्मचारी को पासवर्ड रीसेट करने या प्रिंटर कनेक्ट करने का तरीका बताना। इतना ही नहीं, आजकल रेस्टोरेंट में टेबल बुक करने के लिए भी इनका खूब इस्तेमाल होता है जहां ये आपसे जरूरी जानकारी लेकर खुद सिस्टम चेक करते हैं और आपकी बुकिंग पक्की कर देते हैं।
एआई चैटबॉट के कुछ उदाहरण

एआई चैटबॉट ऐसे कंप्यूटर प्रोग्राम हैं जो हमसे बिल्कुल इंसानों की तरह बातचीत कर सकते हैं। इनका मुख्य काम ग्राहकों की मदद करना, जानकारी देना और छोटे-मोटे कामों को खुद-ब-खुद पूरा करना है। आज के समय में चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी और माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। बैंक हों, ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स हों या अस्पताल, ये हर जगह 24 घंटे आपकी मदद के लिए तैयार रहते हैं।
आज के समय के कुछ मशहूर एआई चैटबॉट्स
लिखने और कोडिंग के लिए: चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी और माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट- ये आपके लिए ईमेल लिखने से लेकर कोड बनाने तक सब कुछ कर सकते हैं।
बोलकर काम करने वाले (वॉइस असिस्टेंट्स): जैसे फोन में एपल का सिरी और घर में अमेजन का अलेक्सा।
बिजनेस और शॉपिंग के लिए: वाट्सएप और फेसबुक पर जो ऑटोमैटिक मैसेज आते हैं या ड्रिफ्ट और इंटरकॉम जैसे बॉट्स जो ग्राहकों की मदद करते हैं।
भावनात्मक बातचीत और खास काम के लिए: पाई (जो एक दोस्त की तरह बात करता है) और गूगल डुप्लेक्स (जो आपके लिए फोन करके अपॉइंटमेंट बुक कर सकता है)।
एआई एजेंट क्या है?

एआई एजेंट एक बहुत ही एडवांस सिस्टम है जो बिना किसी की मदद के मुश्किल काम खुद निपटा सकता है और अपने फैसले खुद ले सकता है। यह जानकारी को गहराई से समझने के लिए स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पूरी बात और उसके पीछे की वजह (कॉन्टेक्स्ट) को समझता है, पिछली बातों से सीखता है और अपना काम पूरा करने के लिए खुद ही प्लान बनाता है। इसे बस आप एक काम सौंप दीजिए और यह उसे पूरा करने के लिए जरूरी सारे कदम खुद-ब-खुद उठा लेता है।
एआई एजेंट के उपयोग

एआई एजेंट व्यापार और करियर में बड़े काम आता है। जैसे, सप्लाई चेन में यह सेल्स के आंकड़ों और मौसम जैसे बाहरी हालातों को देख कर खुद ही तय कर लेता है कि कितना सामान मंगाना है और उसे कैसे भेजना है। मनोरंजन की दुनिया में, यह आपकी पसंद और ट्रेंड्स को समझकर आपके सोशल मीडिया फीड को लगातार अपडेट करता रहता है। यहां तक कि यह आपके करियर को संवारने में भी मदद करता है। बाजार के उतार-चढ़ाव को देखकर यह आपके रिज्यूमे में सुधार करवाता है और इंटरव्यू के लिए आपको पूरी तरह तैयार करता है।
| फीचर | AI चैटबॉट | AI एजेंट |
| मुख्य काम | जवाब देना और बातें करना। | काम पूरा करना और फैसले लेना। |
| दिमाग | जितना सिखाया गया है, बस उतना ही। | अनुभव से लगातार नया सीखना। |
| आजादी | यह आपके निर्देशों का गुलाम है। | यह खुद से रास्ता ढूंढ सकता है। |
| दायरा | एक छोटे काम के लिए सीमित। | एक साथ कई बड़े काम कर सकता है। |
सही विकल्प का चुनाव कैसे करें?

अगर आपको चैटबॉट और एआई एजेंट में से किसी एक को चुनना हो तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले बजट को देखें- चैटबॉट्स कम खर्चे में तैयार हो जाते हैं, जबकि एआई एजेंट बनाने में ज्यादा पैसा लगता है। फिर काम की मुश्किलों को समझें- अगर सिर्फ सवाल-जवाब करने हैं तो चैटबॉट काफी है लेकिन अगर खुद फैसले लेने और अलग-अलग एप्स का इस्तेमाल करने वाला सिस्टम चाहिए तो एआई एजेंट ही बेहतर है।
एआई एजेंट के कुछ बड़े उदाहरण
एआई एजेंट ऐसे स्मार्ट प्रोग्राम होते हैं जो सिर्फ आपकी बात सुनते ही नहीं बल्कि माहौल को समझकर खुद फैसले भी ले सकते हैं। इन्हें बार-बार बताने की जरूरत नहीं पड़ती कि क्या करना है। आप इन्हें एक लक्ष्य दे देते हैं और ये उसे पूरा करने के लिए खुद काम करते हैं।
वर्चुअल असिस्टेंट: जैसे आपके फोन में सिरी या गूगल असिस्टेंट, जो आपकी आवाज सुनकर अलार्म लगाने से लेकर जानकारी खोजने तक के काम खुद कर देते हैं।
खुद चलने वाली कारें: जैसे टेस्ला की कारें, जो सड़क पर ट्रैफिक और रुकावटों को देखकर खुद तय करती हैं कि कब रुकना है और कब मुड़ना है।
स्मार्ट होम डिवाइस: जैसे स्मार्ट एसी या कैमरे, जो आपके घर के तापमान को खुद सेट कर लेते हैं या कोई खतरा दिखने पर अलार्म बजा देते हैं।
पैसे और निवेश के बोट: बड़े बैंक ऐसे प्रोग्राम इस्तेमाल करते हैं जो बाजार के जोखिम को समझकर निवेश की सलाह देते हैं।
डॉक्टरों की मदद: कुछ एआई एजेंट मरीजों की रिपोर्ट देखकर डॉक्टरों को सही इलाज बताने में मदद करते हैं।
मशीनों की देखभाल: फैक्ट्रियों में ऐसे रोबोट होते हैं जो मशीन खराब होने से पहले ही चेतावनी दे देते हैं ताकि काम न रुके।
साथ ही, एजेंट को चलाने और संभालने के लिए ज्यादा एक्सपर्ट लोगों की जरूरत होती है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह तय करें कि आपको सिर्फ जवाब देने वाली मशीन चाहिए या काम निपटाने वाला डिजिटल वर्कर चाहिए। अंत में बात चाहे चैटबॉट की हो या एजेंट की, एआई हमारे काम के तरीके को पूरी तरह बदल रहा है।




