Worship: छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा का शुभ मुहूर्त

Summary

छोटी दिवाली: हनुमान जी की पूजा का महत्व दिवाली का पर्व: भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग दिवाली, भारत में मनाए जाने वाले सबसे बड़े और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह पर्व चार से पांच दिनों तक चलता है और इसे विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ मनाया जाता है। इस पर्व की…

Worship: छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा का शुभ मुहूर्त

छोटी दिवाली: हनुमान जी की पूजा का महत्व

दिवाली का पर्व: भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग

दिवाली, भारत में मनाए जाने वाले सबसे बड़े और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह पर्व चार से पांच दिनों तक चलता है और इसे विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ मनाया जाता है। इस पर्व की शुरुआत कई छोटे त्योहारों से होती है, जिनमें से दो प्रमुख हैं छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी। इन त्योहारों का महत्व दिवाली से कम नहीं है। खासकर, छोटी दिवाली जो दिवाली से ठीक एक दिन पहले आती है, का विशेष स्थान है। इस दिन भक्तजन हनुमान जी की पूजा अर्चना करते हैं, जो पूरे साल में की गई हनुमान पूजा का सबसे महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

छोटी दिवाली: हनुमान जी की विशेष पूजा का दिन

छोटी दिवाली को नरक चौदस या काली चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन से जुड़ी कई कथाएं और परंपराएं हैं, लेकिन विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा का महत्व सर्वोच्च है। पंडित जी के अनुसार, “कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी पर हनुमान जी की पूजा करना अति महत्वपूर्ण होता है। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।” इस दिन सिद्ध हनुमान यज्ञ का आयोजन भी किया जाता है, जिससे भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं। मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा और यज्ञ के दौरान राम जी का नाम लिया जाए तो हनुमान जी स्वयं प्रकट होते हैं और अपने भक्तों के मध्य बैठकर राम के नाम में रम जाते हैं।

छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा की विधि

छोटी दिवाली के दिन हनुमान जी की विशेष या साधारण दोनों प्रकार की पूजा की जा सकती है। पंडित जी ने हमें इस पूजा की सरल विधि बताई है, जिसे हम यहां साझा कर रहे हैं:

  • चोला तैयार करना: सबसे पहले नारंगी सिंदूर और देसी घी से हनुमान जी का चोला तैयार करें और उनकी प्रतिमा पर चढ़ाएं। यह कार्य केवल पुरुष कर सकते हैं, जबकि महिलाएं इसकी तैयारी में सहायता कर सकती हैं।
  • चांदी की वरक: इसके बाद चांदी की वरक का चोला हनुमान जी को अर्पित करें। बाजार में यह वरक आसानी से उपलब्ध होती है।
  • मीठा पान: हनुमान जी को मीठा पान अति प्रिय है, इसलिए इस दिन उन्हें मीठा पान अर्पित करना न भूलें।
  • तुलसी माला: इस पूजा में तुलसी माला भी हनुमान जी को अर्पित करें। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हनुमान जी तुलसी के पत्तों को अपने ह्रदय और माथे पर लगाते हैं।
  • सुंदर कांड का पाठ: इस दिन सुंदर कांड का पाठ जरूर करें। यदि आपके ऊपर कोई बड़ा संकट आया है या घर में किसी को गंभीर बीमारी हो गई है, तो उसके लिए बजरंग पाठ भी करना चाहिए।
  • आरती और जाप: हनुमान जी की आरती और राम नाम का जाप भी इस दिन अवश्य करें।

हनुमान जी की पूजा का महत्व

छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भक्तों को मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है। इस दिन की गई पूजा से भक्तों के सभी संकट समाप्त हो जाते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। हनुमान जी की कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, और वे जीवन के सभी कष्टों से मुक्त हो जाते हैं। इस प्रकार, छोटी दिवाली का पर्व न केवल एक धार्मिक अवसर है, बल्कि यह हमें एकजुट होकर अपने विश्वासों को मजबूत करने का भी एक मौका प्रदान करता है।

समापन विचार

इस प्रकार, छोटी दिवाली, या नरक चतुर्दशी, हनुमान जी की पूजा का अद्वितीय अवसर है। इस दिन की गई पूजा और यज्ञ भक्तों के लिए आशीर्वाद का माध्यम बनते हैं। भारतीय संस्कृति में इस पर्व का महत्व अद्वितीय है और यह हमें अपने पुरातन परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से जोड़ता है। इसलिए, इस दिन को मनाने और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए सभी भक्तों को इस विशेष पूजा में अवश्य भाग लेना चाहिए।

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