दिवाली का पर्व भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है, जिसे सबसे पवित्र और शुभ दिन माना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर जी की पूजा कर घर में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा विधिपूर्वक मनाया जाता है, लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि इस दौरान उन्हें पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। ऐसे में कई प्रश्न उठते हैं, जैसे कि क्या पूजा करना वर्जित है? क्या दीपक जलाना ठीक रहेगा? क्या हम सजावट कर सकते हैं या माता लक्ष्मी की आराधना कर सकते हैं? इस संदर्भ में समाज में कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं। इस विषय पर चर्चा करने के लिए हमने एस्ट्रोलॉजर अमिता रावल से बात की।
दिवाली पूजन में पीरियड्स आ जाएं तो क्या करें और क्या न करें?
यदि आपको दिवाली से ठीक पहले या उसी दिन पीरियड्स आ जाएं, तो सबसे पहले आपको खुद को शांत रखना चाहिए। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो हर महिला के लिए सामान्य है। इसलिए इस दौरान परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। आप पूजा की तैयारी, सजावट, दीप जलाना और घर की सफाई जैसे कार्य कर सकती हैं। हालांकि, आपको यह ध्यान रखना होगा कि माता लक्ष्मी की मूर्ति, भोग या पूजा सामग्री का स्पर्श न करें। मानसिक रूप से पूजा में उपस्थित रहना और श्रद्धा से प्रार्थना करना भी उतना ही फलदायी होता है।
इस दौरान आप अपने मन की नकारात्मकता को दूर करने के लिए सकारात्मकता को अपनाएं। माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भक्ति और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार, दिवाली के समय पीरियड्स आ जाने पर भी पूजा का महत्व कम नहीं होता। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार मानसिक पूजा कर सकती हैं, जिससे आपको सकारात्मकता और शांति मिलेगी।
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क्या पीरियड्स में दीये जला सकते हैं?
एस्ट्रोलॉजर अमिता रावल बताती हैं कि आप पीरियड्स के दौरान भी दिवाली के दीये जला सकती हैं। दिवाली प्रकाश का पर्व है और दीपक जलाना किसी भी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का प्रतीक माना जाता है। आप अपने घर के आंगन, बालकनी या दरवाजे पर दीपक लगा सकती हैं। बस ध्यान रखें कि घर के मंदिर के सामने दीपक किसी अन्य सदस्य के हाथों से जलवाएं और पूजा का दीपक न जलाएं। दीप जलाने की इस प्रक्रिया से घर में सकारात्मकता का संचार होगा और आपके मन में भी शांति बनी रहेगी।
क्या रंगोली और सजावट कर सकते हैं?
यदि दिवाली के पर्व के दौरान आपको पीरियड्स आ जाएं, तो सजावट करने में कोई मनाही नहीं है। आप स्वतंत्र रूप से रंगोली बना सकती हैं। सूखे रंगों से रंगोली बनाना, घर में बंधनवार या तोरण लगाना, और दीयों से सजाना, ये सभी कार्य सकारात्मकता और उत्सव का हिस्सा हैं। इस प्रकार की सजावट से घर में खुशियों का माहौल बनेगा और आपके मन में भी उत्साह रहेगा।
अतः, पीरियड्स के दौरान भी आप अपने घर को सुंदरता से सजा सकती हैं। यह न केवल आपके लिए बल्कि आपके परिवार के लिए भी एक सकारात्मक अनुभव होगा।
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क्या पीरियड्स के दौरान माता लक्ष्मी की पूजा की जा सकती है?
हालांकि पीरियड्स के दौरान पूजा-पाठ की मनाही होती है, लेकिन दिवाली का पर्व साल में केवल एक बार आता है। ऐसे में आप मानसिक रूप से दिवाली की पूजा कर सकती हैं। आप माता लक्ष्मी के सामने बैठकर मंत्रों का स्मरण करें। भले ही आप दीपक घर के किसी अन्य सदस्य से जलवा लें, लेकिन इस दौरान आप माता लक्ष्मी का ध्यान करें और मानसिक पूजा करें। यह ध्यान रखें कि मां लक्ष्मी शुद्ध हृदय और सच्चे भाव से की गई आराधना से प्रसन्न होती हैं, न कि केवल बाहरी रीति-रिवाजों से।
इसलिए पीरियड्स के दौरान माता लक्ष्मी की मानसिक पूजा करने से कोई दोष नहीं लगता है। जब आप सच्चे मन से प्रार्थना करती हैं, तो वह आपकी आराधना को स्वीकार करती हैं। आप अपने मन में भक्ति और श्रद्धा के साथ इस पावन पर्व को मनाएं।
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