Tulsi Puja: आज का चौघड़िया मुहूर्त जानें

तुलसी पूजन का महत्व और चौघड़िया मुहूर्त कार्तिक महीने में तुलसी पूजन का महत्व कार्तिक का महीना हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस महीने में लोग तुलसी पूजन करते हैं, जो न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि अनेक स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। तुलसी को एक पवित्र पौधा माना जाता…

Tulsi Puja: आज का चौघड़िया मुहूर्त जानें

तुलसी पूजन का महत्व और चौघड़िया मुहूर्त

कार्तिक महीने में तुलसी पूजन का महत्व

कार्तिक का महीना हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस महीने में लोग तुलसी पूजन करते हैं, जो न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि अनेक स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। तुलसी को एक पवित्र पौधा माना जाता है, और इसे देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। इस समय तुलसी के पौधे की पूजा करने से घर में सुख और समृद्धि का वास होता है।

तुलसी पूजन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसे सही समय पर करना बेहद आवश्यक है। पंडित सौरभ त्रिपाठी जी, जो कि छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश के निवासी हैं, इस विषय पर गहरी जानकारी रखते हैं। उन्होंने चौघड़िया मुहूर्त का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। यदि आप तुलसी पूजन की शुरुआत पंडित जी द्वारा बताए गए मुहूर्त में करती हैं, तो यह आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

चौघड़िया मुहूर्त की जानकारी

चौघड़िया मुहूर्त, जिसे चौघड़िया भी कहा जाता है, एक विशेष समय होता है, जो दिन के विभिन्न भागों में विभाजित होता है। यह समय पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंडित सौरभ त्रिपाठी जी के अनुसार, इस महीने में तुलसी पूजन के लिए निम्नलिखित चौघड़िया मुहूर्त उपयुक्त माने जाते हैं:

  • प्रातः चौघड़िया: सुबह 6:00 से 7:30 बजे तक
  • दोपहर चौघड़िया: दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक
  • शाम चौघड़िया: शाम 5:00 से 6:30 बजे तक
  • रात चौघड़िया: रात 8:00 से 9:30 बजे तक

इन मुहूर्तों में तुलसी पूजन करने से न केवल पूजा का फल दोगुना होता है, बल्कि यह आपके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी लाता है। इस अवसर पर लोग तुलसी के पौधे के चारों ओर दीप जलाते हैं और देवी-देवताओं की विशेष पूजा करते हैं।

तुलसी पूजन के लाभ

तुलसी की पूजा करने के कई लाभ हैं, जो न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। तुलसी के पौधे में कई औषधीय गुण होते हैं, जो निम्नलिखित हैं:

  • तुलसी का सेवन शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
  • यह मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है।
  • तुलसी का रस सर्दी-खांसी और बुखार में लाभदायक होता है।
  • यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है और कई त्वचा रोगों से रक्षा करती है।

तुलसी पूजन की विधि

तुलसी पूजन की विधि सरल और प्रभावशाली होती है। इसके लिए आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना चाहिए:

  • तुलसी के पौधे को अच्छी तरह से साफ करें और उसके चारों ओर दीपक जलाएं।
  • तुलसी के पौधे पर फूल चढ़ाएं और उसकी पूजा करें।
  • तुलसी के पौधे के पास बैठकर मंत्र जप करें।
  • पूजन के बाद तुलसी के पत्तों का सेवन करें या प्रसाद के रूप में वितरित करें।

इन सरल विधियों को अपनाकर आप अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। तुलसी पूजन का यह पर्व न केवल धार्मिकता का प्रतीक है, बल्कि यह हमें प्रकृति के प्रति जागरूक भी करता है।

समापन

इस लेख में प्रस्तुत जानकारी से आपको तुलसी पूजन के महत्व और चौघड़िया मुहूर्त के बारे में समझने में मदद मिली होगी। यदि आप भी इस महीने तुलसी पूजन करने की योजना बना रही हैं, तो पंडित सौरभ त्रिपाठी जी की सलाह को ध्यान में रखें। आशा है कि यह पूजा आपके जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लाएगी।

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