Shopping: नहाय खाय और उषा अर्घ्य के लिए सामग्री की पूरी सूची जानें

Summary

छठ पूजा का त्योहार भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार चार दिनों तक चलता है और इस दौरान श्रद्धालु विशेष व्रत करते हैं। महिलाएं इस पर्व को अपने परिवार और बच्चों की भलाई के लिए निर्जला व्रत रखकर मनाती…

Shopping: नहाय खाय और उषा अर्घ्य के लिए सामग्री की पूरी सूची जानें

छठ पूजा का त्योहार भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार चार दिनों तक चलता है और इस दौरान श्रद्धालु विशेष व्रत करते हैं। महिलाएं इस पर्व को अपने परिवार और बच्चों की भलाई के लिए निर्जला व्रत रखकर मनाती हैं। इस बार छठ पूजा का पर्व **25 अक्टूबर** से प्रारंभ होगा। इस पर्व की शुरुआत **नहाय खाय** से होती है और इसका समापन **उषा अर्घ्य** के साथ होता है। इस दौरान श्रद्धालु विशेष पूजा सामग्री का उपयोग करते हैं, जो इस पर्व की अनिवार्यता है।

छठ पूजा के पहले दिन की पूजा सामग्री (Nahay Khay Puja Samagri List)

पहले दिन **नहाय खाय** के अवसर पर विशेष **सात्विक** भोजन तैयार किया जाता है। इस दिन की पूजा सामग्री का चयन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किया जाता है।

Nahay Khay Puja

  • अरवा चावल: यह व्रत का मुख्य अनाज है, जिसे विशेष रूप से इस दिन पकाया जाता है।
  • कद्दू (लौकी) और चने की दाल: इस दिन इन सब्जियों का विशेष महत्व है। इन्हें शुद्ध घी में पकाया जाता है। चने की दाल को सात्विक माना जाता है।
  • सैंधा नमक: इस नमक का उपयोग इस दिन के भोजन में किया जाता है क्योंकि इसे शुद्ध माना जाता है।
  • फिटकरी: कई स्थानों पर नदी या तालाब के पानी को शुद्ध करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • गंगाजल: गंगाजल को स्नान के पानी में मिलाकर पवित्र स्नान किया जाता है।
  • पीतल या तांबे के बर्तन: इस दिन केवल नए या अच्छे से साफ किए गए बर्तनों में ही भोजन पकाया जाता है।
  • लकड़ी का चूल्हा: नहाय-खाय का भोजन मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी जलाकर बनाने की परंपरा है, जिससे गैस की आंच से बचा जा सके।

Chhath Puja

छठ पूजा के चौथे दिन की पूजा सामग्री

  • ताजा दूध और जल: उगते हुए सूर्य को अर्पित करने के लिए इस सामग्री का विशेष महत्व है।
  • बचा हुआ प्रसाद: संध्या अर्घ्य के बाद शेष प्रसाद का उपयोग किया जाता है।
  • नारियल और केले का गुच्छा: इन फलों का उपयोग पूजा में किया जाता है।
  • दीपक और कपूर: पूजा के दौरान दीप जलाने और कपूर का उपयोग किया जाता है।

Chhath Puja Materials

छठ पूजा में इन सभी सामग्रियों का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इनका सही ढंग से प्रयोग करके ही पूजा संपन्न होती है। इस पर्व के दौरान श्रद्धालु पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ सूर्य देवता की आराधना करते हैं।

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