Mangal: भाईदूज पर पूजा और तिलक के लिए लाभकारी मंत्र

Summary

भाईदूज का पर्व भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत करने का एक अद्वितीय अवसर है। यह पर्व भाई-बहन के बीच स्नेह और विश्वास को बढ़ावा देने के साथ-साथ भाई की लंबी आयु की कामना का भी प्रतीक है। भाईदूज के दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक करती हैं, जो केवल एक परंपरा नहीं है,…

Mangal: भाईदूज पर पूजा और तिलक के लिए लाभकारी मंत्र

भाईदूज का पर्व भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत करने का एक अद्वितीय अवसर है। यह पर्व भाई-बहन के बीच स्नेह और विश्वास को बढ़ावा देने के साथ-साथ भाई की लंबी आयु की कामना का भी प्रतीक है। भाईदूज के दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक करती हैं, जो केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि उनके प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक है। इस मौके पर तिलक करते समय यदि सही मंत्रों का जाप किया जाए, तो यह पूजा और भी फलदायी बन जाती है। इस दिन की पूजा में अन्य मंत्रों का जाप भी बेहद शुभ होता है, जो भाई के लिए दीर्घायु, सुख-समृद्धि और जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति की कामना करता है। इस संदर्भ में, वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से जानें भाईदूज के मंत्रों के बारे में।

भाईदूज पूजा करने का मंत्र (Bhai Dooj Puja Mantra 2025)

भाईदूज के अवसर पर मुख्य रूप से यमराज, यमुना, भगवान गणेश और भगवान विष्णु की पूजा का विधि विधान है। यह पूजा भाई की लंबी आयु और कल्याण के लिए की जाती है। पूजा के प्रारंभ में गणेश जी का ध्यान करते हुए उनका मंत्र ‘ॐ श्री गणेशाय नमः’ का जाप करना शुभ माना जाता है। इसके बाद, यमराज और यमुना की पूजा करते समय आप श्रद्धा भाव से एक सरल वाक्य का जाप कर सकते हैं, जैसे: ‘हे यमराज और यमुना जी! आप दोनों के पवित्र संबंध की तरह, मेरे और मेरे भाई के संबंध में भी प्रेम और दीर्घायु बनी रहे। मेरे भाई को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति दें और उसे सुख-समृद्धि प्रदान करें।’

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भाईदूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन यमराज की पूजा करने से भाई को अकाल मृत्यु का भय नहीं सताता और उसे लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन की पूजा से भाई और बहन दोनों के जीवन के कई पाप और कष्ट दूर हो जाते हैं। यम और यमुना के आशीर्वाद से परिवार में शांति, प्रेम और स्नेह का माहौल बना रहता है।

भाईदूज के दिन भाई को तिलक करने का मंत्र और लाभ

भाई को तिलक करते समय बहनें एक विशेष मंत्र का जाप करती हैं। यह मंत्र भाई के जीवन में निरंतर उन्नति और कल्याण की कामना को दर्शाता है। तिलक के समय, भाई को आसन पर बैठाकर बहनें इस पौराणिक मंत्र का जाप करती हैं: ‘गंगा पूजे यमुना को, यमी पूजे यमराज को। सुभद्रा पूजे कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़ें, फूले-फलें।’ यह मंत्र भाई की आयु को बढ़ाने और उसे हर प्रकार की विपत्ति से बचाने का कार्य करता है।

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इस मंत्र में ‘मेरे भाई आप बढ़ें, फूले-फलें’ की प्रार्थना की गई है, जो भाई के करियर, व्यवसाय और जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति और समृद्धि लाने का कार्य करती है। तिलक करने और मंत्र जाप के बाद मिठाई खिलाने से भाई-बहन के रिश्ते में मिठास और मजबूत बंधन बना रहता है, जिससे उनके जीवन में खुशियों का संचार होता है।

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भाईदूज से जुड़ी सामान्य प्रश्न (FAQ)

भाईदूज के दिन भाई-बहन को क्या दान करना चाहिए?
भाईदूज के दिन भाई-बहन को नारियल, कपड़े और मिठाई दान करना चाहिए।

भाईदूज के दिन किस दिशा में मुंह करके भाई को तिलक करें?
भाईदूज के दिन बहनें उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके अपने भाई को तिलक करें।