26 अक्टूबर 2025 का पंचांग कई महत्वपूर्ण बातों को उजागर करता है। यह दिन रविवार है और इस दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सुबह तक रहेगी, जिसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ होगा। पंचमी तिथि को लाभ पंचमी का पर्व भी मनाया जाता है, जिसे व्यापार और सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। नक्षत्रों की स्थिति पर नजर डालें तो सुबह लगभग 10:46 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद मूल नक्षत्र का प्रभाव होगा। वहीं, सुबह जल्दी लगभग 6:46 बजे तक शोभन योग भी रहेगा, जिससे नए और शुभ कार्य करने के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है।
इस संदर्भ में एमपी, छिंदवाड़ा के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग जानने का प्रयास करते हैं। वे इस दिन के महत्व और इसकी विशेषताओं को समझाने में मदद करेंगे, जिससे आप अपनी दैनिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से योजनाबद्ध कर सकें।
आज का अशुभ मुहूर्त 27 अक्टूबर 2025
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह लगभग 07:52 बजे से 09:16 बजे तक |
| गुलिक काल | दोपहर लगभग 01:28 बजे से 02:52 बजे तक |
| यमगंड | सुबह लगभग 10:40 बजे से 12:04 बजे तक |
आज व्रत और त्योहार 27 अक्टूबर 2025
27 अक्टूबर 2025 को प्रमुख रूप से छठ पूजा का महत्वपूर्ण दिन है, जिसे संध्या अर्घ्य के रूप में मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य (जल का चढ़ावा) देते हैं और संतान की लंबी उम्र, सुख और समृद्धि के लिए 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखते हैं। इस तिथि को स्कन्द षष्ठी और सूर सम्हारम जैसे पर्व भी मनाए जाते हैं, जो क्रमशः भगवान कार्तिकेय (स्कन्द) की पूजा और सूर्य भगवान की आराधना को समर्पित हैं। ये पर्व विशेष रूप से भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
छठ पूजा का यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह एक सामाजिक उत्सव भी है, जिसमें परिवार और समाज के लोग एकत्रित होते हैं। लोग इस दिन अपने पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने और एक दूसरे के साथ मिलकर पूजा करने का अवसर पाते हैं। यह दिन न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि लाने का भी माध्यम है।
आज का उपाय 27 अक्टूबर 2025
27 अक्टूबर 2025 का दिन सोमवार है, इसलिए इस दिन के मुख्य उपायों में भगवान शिव की पूजा करना, शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाना और शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है। इन उपायों से मन को शांति मिलती है और चंद्रमा (जो सोमवार के स्वामी हैं) की कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा, इस दिन छठ पूजा का संध्या अर्घ्य भी है, इसलिए सूर्य देव को अर्घ्य देने और छठी मैया की पूजा करने से उत्तम स्वास्थ्य, संतान सुख और घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
साथ ही, अशुभ समय जैसे राहुकाल और यमगंड से बचने के लिए महत्वपूर्ण कार्य दोपहर के शुभ मुहूर्त (जैसे अभिजीत मुहूर्त) में ही करने की सलाह दी जाती है। यह आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा।
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