छोटी दिवाली, जिसे नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है, हर वर्ष दिवाली के मुख्य उत्सव से एक दिन पहले मनाई जाती है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान कृष्ण ने दैत्य नरकासुर का वध कर 16,000 महिलाओं को उसके बंधन से मुक्त किया था। इस दिन को मृत्यु के देवता यमराज की पूजा के लिए भी विशेष माना जाता है। इस अवसर पर घर के बाहर दक्षिण दिशा में ‘यम दीपक’ जलाने की परंपरा है, जिससे परिवार में अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और सभी पापों का नाश होता है। इस प्रकार, छोटी दिवाली दिवाली की बड़ी तैयारी और घर-परिवार की आंतरिक एवं बाहरी शुद्धि का प्रतीक है। हम वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से जानेंगे कि इस साल छोटी दिवाली कब है, इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और यम दीपक जलाने का महत्त्व क्या है।
छोटी दिवाली कब है? (Chhoti Diwali Kab Hai 2025)
छोटी दिवाली कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष, चतुर्दशी तिथि का आरंभ 19 अक्टूबर 2025, रविवार को दोपहर 01 बजकर 51 मिनट पर होगा और इसका समापन 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को दोपहर 03 बजकर 44 मिनट पर होगा। हालांकि, उदया तिथि के अनुसार छोटी दिवाली 20 तारीख को मनाई जानी चाहिए, किंतु नरक चतुर्दशी की पूजा शाम के समय होती है। इसलिए, छोटी दिवाली का पर्व 19 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
इस दिन का महत्व न केवल धार्मिक है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। छोटी दिवाली के अवसर पर लोग एक-दूसरे के घर जाकर मिठाई बाँटते हैं और एक-दूसरे को बधाई देते हैं। यह न केवल आपसी संबंधों को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को भी प्रबल करता है।
छोटी दिवाली 2025 पूजा शुभ मुहूर्त
छोटी दिवाली के दिन भगवान श्री कृष्ण, मां काली और यमराज की पूजा का विधान है। यमराज की पूजा की जाती है उनके नाम का दीपक जलाकर। श्री कृष्ण और मां काली की पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 41 मिनट से रात 12 बजकर 31 मिनट तक माना गया है।
भगवान श्री कृष्ण ने नरक चतुर्दशी के दिन नरकासुर का वध किया, जो बुराई के अंत का प्रतीक है। इस दिन को काली चौदस भी कहा जाता है, जिसमें मां काली की पूजा करके भक्त बुरी शक्तियों, तंत्र-मंत्र और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा प्राप्त करते हैं। यह दिन विशेष रूप से ध्यान और साधना के लिए उपयुक्त होता है।
यह भी पढ़ें: Swastik On Diwali: दिवाली पर स्वास्तिक बनाते समय आप भी तो नहीं करती हैं ये 1 बड़ी गलती, जानें क्या है सही तरीका
छोटी दिवाली 2025 अभ्यंग स्नान शुभ मुहूर्त
छोटी दिवाली, जो कि 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी, इस दिन सुबह 05 बजकर 13 मिनट से 06 बजकर 25 मिनट तक का समय अभ्यंग स्नान के लिए विशेष शुभ माना जाता है। इस समय किया गया स्नान व्यक्ति की सुंदरता को बढ़ाता है और तेजमय शरीर की प्राप्ति कराता है।
अभ्यंग स्नान का महत्व इस दिन बहुत अधिक है। इसे सूर्योदय से पूर्व करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन अभ्यंग स्नान करने से व्यक्ति के पाप और दुर्भाग्य दूर होते हैं, नरक के भय से मुक्ति मिलती है और उत्तम स्वास्थ्य एवं सौंदर्य की प्राप्ति होती है।
छोटी दिवाली 2025 यम दीपक शुभ मुहूर्त
छोटी दिवाली पर यम का दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त 19 अक्टूबर 2025 की शाम को है। इस दिन आप यम का दीपक शाम 6 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 28 मिनट के बीच में जला सकते हैं। यह समय यमराज की कृपा को आकर्षित करने के लिए सर्वोत्तम है।
छोटी दिवाली की शाम को घर के मुख्य द्वार पर यम का दीपक जलाना एक महत्वपूर्ण रस्म है। यह दीपक विशेष रूप से मृत्यु के देवता यमराज के लिए जलाया जाता है और इसे हमेशा घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखा जाता है। यह परंपरा परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षा और शांति का प्रतीक है।
यह भी पढ़ें: Evil Eye Remedy: दिवाली की रात करें ये 3 उपाय, किसी भी तरह की बुरी नजर हो सकती है दूर
छोटी दिवाली 2025 का महत्व
नरक चतुर्दशी की पूजा करने से व्यक्ति को पापों और बुरे कर्मों के प्रभाव से मुक्ति मिलती है और उसे नरक में जाने के भय से छुटकारा मिलता है। इस दिन भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध का स्मरण करने से जीवन से सभी प्रकार की नकारात्मकता और बुराइयां दूर होती हैं। यह दिन आत्म-शुद्धि और सकारात्मकता के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
यदि आपकी इस विषय पर कोई प्रश्न है, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं और अपने फीडबैक भी साझा कर सकते हैं। हम आपके लिए सही जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते रहेंगे। यदि आपको यह कहानी पसंद आई हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें। ऐसी ही अन्य जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
image credit: herzindagi
