दिवाली का पर्व भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व का मुख्य आकर्षण **महालक्ष्मी पूजा** है, जो विशेष रूप से रात के समय सम्पन्न की जाती है। इस दिन घरों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा का आयोजन होता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली का वास होता है। पंडित सौरभ त्रिपाठी जी के अनुसार, “दिवाली की रात महालक्ष्मी जी की पूजा का महत्व बहुत अधिक है। इसे सही समय और विधि-विधान के साथ करने से इसके फल में वृद्धि होती है।”
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि **2025 में दिवाली कब है** और इस वर्ष महालक्ष्मी पूजा के लिए उपयुक्त मुहूर्त क्या है। पंडित जी के अनुसार, अगर आप सही समय पर पूजा करती हैं, तो आपको देवी लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा।
दिवाली कब है? (Diwali Kab Hai 2025)
- अमावस्या तिथि प्रारंभ: 20 अक्टूबर दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर।
- अमावस्या तिथि समाप्त: 21 अक्टूबर शाम 4 बजकर 14 मिनट पर।
इस प्रकार, दिवाली 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी और इसी दिन महालक्ष्मी पूजा का आयोजन भी होगा।

श्री महालक्ष्मी पूजन मुहूर्त (लग्नानुसार) (Maha Lakshmi Puja Muhurat 2025)
दिवाली पर महालक्ष्मी पूजा के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त
दिवाली पर महालक्ष्मी पूजा के लिए सबसे उत्तम समय **वृषभ लग्न** होता है। पंडित जी के अनुसार, “यह एक स्थिर लग्न है। इस समय पूजा करने से लक्ष्मी जी आपके घर में स्थिरता प्रदान करती हैं, जिससे आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।” इस समय पूजा करने से शुक्र ग्रह के नकारात्मक प्रभावों में भी कमी आती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
दिवाली का पर्व केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह एक अवसर है जब हम अपने घरों को सजाते हैं, परिवार और मित्रों के साथ समय बिताते हैं और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। इस दिन विशेष ध्यान रखना चाहिए कि पूजा विधि के अनुसार हो और सभी धार्मिक नियमों का पालन किया जाए। पंडित जी की सलाह के अनुसार, सही समय पर और उचित विधि से की गई पूजा से जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है।
आप सभी को हरजिंदगी की ओर से **शुभ दिवाली** की शुभकामनाएं। लेख में दी गई जानकारी के अनुसार शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी पूजा करें और मां महालक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त करें। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने मित्रों और परिवार के साथ साझा करें। इसी प्रकार के और भी लेख पढ़ने के लिए हरजिंदगी से जुड़े रहें।





