Chhath पूजा: सूर्यदेव को अर्घ्य देने का सही समय और विधि

छठ पूजा, जो कि भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, विशेष रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोगों के बीच मनाया जाता है। इस महापर्व के दौरान, व्रती (उपवासी) अपने परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। यह अनुष्ठान चार दिनों तक चलता है, जिसमें…

Chhath पूजा: सूर्यदेव को अर्घ्य देने का सही समय और विधि

छठ पूजा, जो कि भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, विशेष रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोगों के बीच मनाया जाता है। इस महापर्व के दौरान, व्रती (उपवासी) अपने परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। यह अनुष्ठान चार दिनों तक चलता है, जिसमें आखिरी दो दिन सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। व्रती लगभग 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं, जिसमें वे केवल सूर्य को अर्घ्य देने के समय जल का सेवन करते हैं।

छठ पूजा के दौरान, व्रती नदी या तालाब के किनारे खड़े होकर सूर्य की पहली किरणों को देखकर अर्घ्य अर्पित करते हैं। यह अर्घ्य देने की प्रक्रिया न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का एक अवसर भी है। इस बार, वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से जानेंगे कि इस साल छठ पूजा के दौरान सूर्योदय और सूर्यास्त के समय अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त क्या है।

छठ पूजा 2025 शाम को सूर्य अर्घ्य का शुभ मुहूर्त (Arghya Muhurat 2025)

इस वर्ष, यानी 2025 में छठ पूजा का संध्या अर्घ्य 27 अक्टूबर, सोमवार को दिया जाएगा। पंचांग के अनुसार, सूर्यास्त का समय शाम 05 बजकर 40 मिनट है, और इस समय से संध्या अर्घ्य का शुभ मुहूर्त 05 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।

evening surya arghya muhurat on chhath puja 2025

छठ पूजा 2025 शाम को सूर्य अर्घ्य की विधि

संध्या अर्घ्य देने के लिए, व्रती अपने परिवार के साथ सूर्य देव के डूबने से पहले नदी या तालाब के किनारे पहुँच जाते हैं। यहाँ, वे पानी में खड़े होते हैं और अपने साथ लाए गए प्रसाद जैसे ठेकुआ, चावल के लड्डू, विभिन्न प्रकार के फल और अन्य पूजा सामग्री को एक बांस की टोकरी (सूप या दउरा) में सजाते हैं।

अर्घ्य देने के समय, व्रती सूप को अपने हाथ में या परिवार के किसी सदस्य के साथ पकड़कर दूध और जल से सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस अवसर पर मंत्रों का उच्चारण किया जाता है, जो इस अनुष्ठान की महत्वता को और बढ़ाता है। डूबते सूर्य को अर्घ्य देना जीवन के चक्र का सम्मान करने का प्रतीक है और यह दर्शाता है कि हर अंत के बाद एक नई शुरुआत होती है।

छठ पूजा 2025 सुबह सूर्य अर्घ्य का शुभ मुहूर्त

छठ पूजा का उषा अर्घ्य 28 अक्टूबर, मंगलवार को दिया जाएगा। पंचांग के अनुसार, सूर्योदय का समय इस दिन सुबह लगभग 06 बजकर 30 मिनट है, और उषा अर्घ्य का शुभ मुहूर्त 06 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।

morning surya arghya shubh muhurat on chhath puja 2025

छठ पूजा 2025 सुबह सूर्य अर्घ्य की विधि

उषा अर्घ्य के लिए, व्रती और श्रद्धालु रातभर या तड़के सुबह ही घाट पर पहुँच जाते हैं और सूर्योदय का इंतजार करते हैं। जैसे ही सूर्य की पहली किरणें दिखती हैं, व्रती पिछले दिन की तरह सूप में रखे प्रसाद के साथ, दूध और जल से उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। यह अनुष्ठान न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह पूरे परिवार के लिए सुख और समृद्धि की कामना भी करता है।

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image credit: herzindagi