Kidnap: डबरा में 3 साल के बच्चे का अपहरण, पुलिस ने सकुशल बचाया, आरोपी गिरफ्तार

Summary

मध्य प्रदेश के डबरा से एक बेहद ही चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार को डबरा के कर्रा आदिवासी दफाई इलाके में तीन साल के एक मासूम बच्चे के दिनदहाड़े अपहरण से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच दहशत का माहौल पैदा…

डबरा में 3 साल के मासूम का अपहरण: पुलिस की 10 टीमों ने जंगल में दबिश देकर बच्चे को बचाया, आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के डबरा से एक बेहद ही चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार को डबरा के कर्रा आदिवासी दफाई इलाके में तीन साल के एक मासूम बच्चे के दिनदहाड़े अपहरण से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। हालांकि, समय रहते पुलिस ने तत्परता दिखाई और कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को गुरुवार को शिवपुरी जिले के जंगलों से न केवल सकुशल बरामद किया, बल्कि अपहरणकर्ता को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

इस पूरे ऑपरेशन की कमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह ने संभाली थी। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से पुलिस की 10 विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को सफलता हाथ लगी। अपहरणकर्ता मासूम को शिवपुरी जिले के मांगरोंनी के पास स्थित बिलोनी गांव के घने जंगल में छिपाकर ले गया था, जहां से पुलिस ने उसे धर दबोचा।

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भावुक कर देने वाला मिलन: जब मां ने सीने से लगाया बेटा

जब सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा और उनकी टीम बच्चे को लेकर वापस थाने पहुंची, तो वहां का दृश्य बेहद भावुक था। कई घंटों की अनिश्चितता और खौफ के बाद जैसे ही मां ने अपने तीन साल के बच्चे को देखा, वह खुद को रोक नहीं पाई। मां ने दौड़कर अपने बच्चे को सीने से लगा लिया और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। इस मार्मिक मिलन को देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य अधिकारी भी भावुक हो गए। एक मां के लिए अपने खोए हुए बच्चे को वापस पाना किसी चमत्कार से कम नहीं था।

घटना के बारे में जानकारी देते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान होतम प्रजापति के रूप में हुई है, जो ईंट भट्टे पर मजदूरी का काम करता है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के पीछे क्या मंशा रखी थी। इस पूरे मामले में डबरा पुलिस की कार्यप्रणाली की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की है।

क्या था पूरा मामला और कैसे हुई घटना?

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना डबरा सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कर्रा आदिवासी दफाई की है, जहां एक सौ से अधिक श्रमिक परिवार निवास करते हैं। ये लोग आसपास के खेतों और निर्माण कार्यों में मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। बुधवार की दोपहर जब मासूम बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी आरोपी ने मौका पाकर उसे अगवा कर लिया।

अपहरण के बाद की स्थिति पर एक नजर:

  • घटना का समय: बुधवार दोपहर को बच्चा घर के बाहर खेल रहा था।
  • पुलिस की सक्रियता: परिजनों द्वारा शाम 7 बजे सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
  • विशेष ऑपरेशन: SSP और एएसपी देहात ने खुद मोर्चा संभाला और आसपास के थानों की पुलिस को सर्च ऑपरेशन में लगाया।
  • तकनीकी साक्ष्य: पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की पहचान की और उसकी लोकेशन का पीछा किया।
  • सफलता: गुरुवार को शिवपुरी के बिलोनी गांव के पास से आरोपी होतम प्रजापति को गिरफ्तार कर बच्चे को सुरक्षित मुक्त कराया गया।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने बच्चे को उस समय उठाया जब वह घर के पास अकेला था। इस घटना के बाद से क्षेत्र के अन्य अभिभावकों में भी चिंता देखी गई है, जिसके चलते पुलिस ने क्षेत्र में गश्त और सतर्कता बढ़ाने का निर्णय लिया है। फिलहाल, बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि पुलिस प्रशासन समय रहते पूरी मुस्तैदी दिखाए, तो बड़ी से बड़ी आपराधिक घटनाओं को सुलझाया जा सकता है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को घर से बाहर खेलते समय निगरानी में रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने को दें।