भोपाल में सरकारी नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश, पूर्व करणी सेना पदाधिकारी गिरफ्तार
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं को अपना निशाना बनाने वाले एक शातिर ठग का पर्दाफाश हुआ है। नगर निगम में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठने के मामले में कमला नगर थाना पुलिस ने करणी सेना के पूर्व भोपाल जिला अध्यक्ष आशु कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को रसूखदार बताकर कई युवाओं को फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा दिए थे। इस मामले ने शहर में हड़कंप मचा दिया है और पुलिस अब इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी आशु कुमार ने बेरोजगार युवाओं को विश्वास में लेने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी। वह खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताकर युवाओं को नगर निगम में सीधी भर्ती का सपना दिखाता था। उसने न केवल युवाओं से मोटी रकम वसूली, बल्कि उन्हें सरकारी मुहर और लेटरहेड का इस्तेमाल कर फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए, जिससे पीड़ित पूरी तरह से झांसे में आ गए और अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठे।
यह भी पढ़ें– Transfer: इंदौर नगर निगम में विवादित नियुक्ति, फर्जीवाड़े के आरोपी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
यह भी पढ़ें– Missing: एयरफोर्स अधिकारी की 12 साल की बेटी स्कूल से लापता, CCTV में दिखी आखिरी झलक
यह भी पढ़ें– Temple: सीहोर में मंदिर में चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात
जॉइनिंग के लिए कमिश्नर कार्यालय पहुंचे पीड़ित, तब खुला फर्जीवाड़े का राज
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पवन यादव नामक एक पीड़ित युवक आरोपी द्वारा दिए गए फर्जी नियुक्ति पत्र को लेकर सीधे नगर निगम कमिश्नर के कार्यालय में अपनी जॉइनिंग देने पहुंचा। वहां जब संबंधित अधिकारियों ने उस लेटर की बारीकी से जांच की, तो वह पूरी तरह से नकली पाया गया। अधिकारियों को समझते देर नहीं लगी कि किसी ने सरकारी दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ किया है। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आशु कुमार ने युवाओं को ठगने के लिए 3 से 5 लाख रुपए तक की मांग की थी। पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए वह बड़े-बड़े दावे करता था। पीड़ित पवन यादव की मुलाकात भी आरोपी से एक सामाजिक आयोजन के दौरान हुई थी, जहां उसने करणी सेना के पदाधिकारी होने का रौब दिखाकर उसे अपने जाल में फंसा लिया था। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि दर्जनों युवाओं को अपने इस फर्जीवाड़े का शिकार बनाया है।
पुलिस की कार्रवाई और संगठन का रुख
आशु कुमार की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही कमला नगर थाने में पीड़ितों का तांता लग गया। कई अन्य युवा भी सामने आए हैं जिन्होंने इस आरोपी को लाखों रुपए दिए थे। पुलिस के अनुसार, इस पूरे रैकेट में करीब 30 से 40 युवाओं के ठगे जाने की संभावना है और ठगी की कुल रकम करोड़ों रुपए तक पहुंच सकती है। पुलिस अब आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
इस घटना के बाद करणी सेना संगठन ने भी अपना पक्ष स्पष्ट किया है। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि आशु कुमार की संदिग्ध गतिविधियों और अनुचित व्यवहार के कारण उसे काफी समय पहले ही जिला अध्यक्ष के पद से हटाकर संगठन से निष्कासित कर दिया गया था। संगठन ने स्पष्ट किया कि आरोपी का अब उनसे कोई लेना-देना नहीं है और वह अपने निजी कृत्यों के लिए स्वयं जिम्मेदार है।
- फर्जीवाड़ा: नगर निगम के नाम पर बेरोजगारों से 3 से 5 लाख रुपए की वसूली।
- गिरफ्तारी: कमला नगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी आशु कुमार को हिरासत में लिया।
- जांच का दायरा: पुलिस के अनुसार 30 से अधिक युवाओं के साथ हुई है धोखाधड़ी।
- सावधानी: किसी भी सरकारी नौकरी के नाम पर अनधिकृत व्यक्तियों को पैसे न दें।
फिलहाल पुलिस इस मामले में आरोपी के बैंक खातों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या उसने इन पैसों से कोई संपत्ति बनाई है या यह पैसा कहीं और खपाया गया है। प्रशासन ने भी आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह के प्रलोभन में न आएं और सरकारी नियुक्तियों के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइटों और विज्ञापनों पर ही भरोसा करें। इस मामले में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।





