भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बेहद खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों को एक दशक (10 साल) से लंबित पड़ी सबसे बड़ी सौगात दी है। लंबे इंतजार के बाद प्रदेश में आखिरकार सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी गई है।
सरकार के इस बड़े फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा होने जा रहा है, जिससे कर्मचारी वर्ग में भारी उत्साह है।
मंत्रालय में मना जश्न, गूंजे ढोल-नगाड़े
प्रमोशन का रास्ता साफ होने से गदगद कर्मचारी और अधिकारी मुख्यमंत्री का आभार जताने के लिए उमड़ पड़े। कैबिनेट बैठक के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जैसे ही मंत्रालय पहुंचे, वैसे ही वहां का माहौल उत्सव जैसा हो गया।
- भव्य स्वागत: कर्मचारियों ने ढोल-नगाड़ों की थाप और फूलों के गुलदस्तों के साथ मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।
- जताया आभार: कर्मचारी कल्याण समिति, मंत्रालय कर्मचारी संघ और ‘अजाक्स’ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत करते हुए उनके प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
बाकी विभागों के लिए भी मिला आश्वासन
इस स्वागत कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के सामने एक मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में अभी यह पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है, वहां भी इसे जल्द से जल्द लागू किया जाए।
इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों को बिल्कुल निराश नहीं किया और तुरंत आश्वासन देते हुए कहा:
“जो भी अधिकारी या कर्मचारी नियम के तहत पदोन्नति (प्रमोशन) का पात्र है, उसे उसका हक जरूर दिया जाएगा। सरकार हर योग्य कर्मचारी को आगे बढ़ने का पूरा मौका देगी।”
‘कर्मचारी कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद संभालते ही साफ कर दिया था कि वे कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने एक बार फिर कर्मचारी संगठनों के सामने दोहराया कि राज्य में किसी भी पात्र कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा पद संभालने के बाद से ही कर्मचारी कल्याण के लिए जो प्रयास शुरू किए गए थे, आज यह फैसला उसी का नतीजा है।
