बिहार चुनावों से पहले तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान
बिहार विधानसभा चुनावों से कुछ हफ्ते पहले, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि जीविका सीएम (कम्युनिटी मोबिलाइजर) दीदियों को स्थायी किया जाएगा और उनकी मासिक वेतन को 30,000 रुपये तक बढ़ाया जाएगा।
जीविका दीदियों के प्रति सरकार का अन्याय
पटना में मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने राज्य में NDA सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जीविका दीदियों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा, “आप सभी जानते हैं कि इस सरकार के तहत जीविका दीदियों के साथ अन्याय हुआ है। हमने फैसला किया है कि सभी जीविका सीएम दीदियों को स्थायी किया जाएगा और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा। यह कोई सामान्य घोषणा नहीं है। यह जीविका दीदियों की मांग रही है।”
बिहार में बदलाव की तैयारी
तेजस्वी यादव ने बिहार में NDA सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य के लोग आगामी विधानसभा चुनावों में “बदलाव के लिए तैयार हैं”। उन्होंने कहा कि अब नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब पूरी तरह से प्रचार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राजद का उद्देश्य बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पलायन जैसे मुद्दों को उजागर करना है।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा, “नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है और अब प्रचार का समय आ गया है। इस बार बिहार के लोग बदलाव के लिए तैयार हैं। लोग वर्तमान डबल-इंजन सरकार से थक चुके हैं। इस डबल-इंजन सरकार में भ्रष्टाचार और अपराध बढ़ गए हैं। लोग बेरोजगारी और पलायन से परेशान हैं। वर्तमान सरकार ने पहले हम जो घोषणाएँ की थीं, उन्हें नकल किया है।”
बिहार चुनाव की तारीखें
बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे, पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को। सभी सीटों के परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। यह समय बिहार के लिए ऐतिहासिक हो सकता है, क्योंकि यहाँ के लोग परिवर्तन की ओर अग्रसर हैं।
राजद के लिए चुनौती और उम्मीदें
बिहार में राजद के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है। तेजस्वी यादव ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि उनकी पार्टी विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी ताकि मतदाता उनके पक्ष में मतदान कर सकें।
राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव
बिहार की राजनीति में इस समय कई बदलाव देखे जा रहे हैं। तेजस्वी यादव की घोषणाएँ इस बात का संकेत हैं कि वे चुनावी रणनीति में सक्रियता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनकी पार्टी ने हाल ही में विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राजद अपने राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे
बिहार में बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दे वर्षों से चर्चा का विषय बने हुए हैं। तेजस्वी यादव ने इन मुद्दों को उठाकर यह दिखाया है कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं। उनका यह कदम उन्हें बिहार के युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने में मदद कर सकता है।
निष्कर्ष
बिहार विधानसभा चुनावों में तेजस्वी यादव का यह ऐलान और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे यह दर्शाते हैं कि वे चुनावी समर में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए तैयार हैं। बिहार की जनता अब यह देखेगी कि क्या तेजस्वी यादव की घोषणाएँ और उनकी पार्टी की रणनीतियाँ उन्हें सत्ता में लाने में सफल होंगी।





