Murder: बंगाल में महिला और बेटी को मिली उम्रकैद की सजा

मध्यमग्राम में बुजुर्ग महिला की हत्या का मामला: मां-बेटी को उम्रकैद की सजा पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम शहर में एक बुजुर्ग महिला, सुमिता घोष की हत्या के मामले में अदालत ने मां और उसकी बेटी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बारासात अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया…

Murder: बंगाल में महिला और बेटी को मिली उम्रकैद की सजा

मध्यमग्राम में बुजुर्ग महिला की हत्या का मामला: मां-बेटी को उम्रकैद की सजा

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम शहर में एक बुजुर्ग महिला, सुमिता घोष की हत्या के मामले में अदालत ने मां और उसकी बेटी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बारासात अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया और साथ ही बेटी फाल्गुनी घोष और मां आर्टी घोष पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

अदालत के जज ने यह भी आदेश दिया कि यदि वे जुर्माना नहीं भरती हैं, तो उन्हें छह महीने की अतिरिक्त सजा का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, दोनों को सबूत नष्ट करने के आरोप में सात साल की कारावास की सजा भी सुनाई गई है।

सजा का विवरण और कानूनी प्रक्रिया

सजा सुनाए जाने के बाद, सार्वजनिक अभियोजक ने कहा, “इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दोनों को पहले सात साल जेल में बिताने होंगे। इसके बाद, उनका आजीवन कारावास शुरू होगा। इसका मतलब है कि उन्हें अपने जीवन के बाकी हिस्से जेल में बिताने होंगे।”

वहीं, आरोपियों के वकील ने कहा, “हम इस फैसले को चुनौती देने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट जाएंगे।” इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को लेकर दोनों पक्षों के बीच के मतभेद और भी जटिल होते जा रहे हैं।

हत्याकांड की पृष्ठभूमि

पिछले फरवरी में, सुमिता का कटी-फटी शरीर कोलकाता के कुमार्टुली घाट से एक ट्रॉली बैग में बरामद किया गया था। मां और बेटी उस ट्रॉली बैग को हुगली नदी में फेंकने जा रही थीं। लेकिन स्थानीय लोगों ने जब उनके हाथों से खून रिसते हुए देखा, तो उनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ।

स्थानीय लोगों ने ट्रॉली बैग का ताला तोड़कर उसे खोला, जिसमें सुमिता घोष का कटा हुआ शव मिला। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि यह हत्या उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में हुई थी।

परिवारिक विवाद का मामला

सुमिता, जो कि फाल्गुनी की नानी थीं, ने दक्षिण बिरेशपल्ली क्षेत्र में फाल्गुनी के घर पर रहने के लिए आई थीं। पुलिस के अनुसार, सुमिता की हत्या संपत्ति विवाद के चलते की गई। इस मामले में फाल्गुनी और आर्टी को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

जांच के दौरान पुलिस ने अहिरिटोला से कोलकाता के बोवबाजार में एक सोने की दुकान तक का दौरा किया। मां और बेटी ने सुमिता की हत्या के बाद उसकी ज्वेलरी को उस दुकान में बेच दिया था।

ज्वेलरी की बिक्री और ऑनलाइन लेनदेन

पुलिस ने बताया कि मां-बेटी ने कुल **42,000 रुपये** की ज्वेलरी बेचने के बाद एक और दुकान पर नए आभूषण का ऑर्डर दिया, जिसकी कीमत **2,53,000 रुपये** थी। इस दुकान पर सुमिता के मोबाइल फोन के जरिए **50,000 रुपये** का अग्रिम भुगतान भी किया गया था।

इस मामले में जांच अभी भी जारी है और पुलिस ने कहा है कि वे सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई करेंगे। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए एक चुनौती है, बल्कि यह समाज में बढ़ते अपराधों के प्रति भी चेतावनी है।

समाज में बढ़ती अपराध की घटनाएँ

इस तरह की घटनाएँ समाज में अपराध की बढ़ती हुई प्रवृत्ति की ओर इशारा करती हैं। पुलिस द्वारा इस मामले में की गई कार्रवाई और अदालत द्वारा दी गई सजा से यह स्पष्ट होता है कि कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वालों के लिए सजा अवश्य है। आने वाले समय में समाज को इस तरह के अपराधों से बचाने के लिए और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है।

इस मामले ने यह भी दिखाया है कि कैसे पारिवारिक विवाद कभी-कभी गंभीर अपराधों का रूप ले सकते हैं। ऐसे में समाज को जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।