भोजपुरी लोकगायिका स्वाति मिश्रा ने छठ पर्व से पहले अपने नए और भावनात्मक गीत ‘छठ के त्योहार’ को एक हफ्ते पहले रिलीज कर दिया है। यह गीत न केवल छठी मैया की महिमा को दर्शाता है, बल्कि एक मां-बेटे के अटूट रिश्ते और पारिवारिक मूल्यों को भी बड़ी खूबसूरती से पेश करता है। इस गाने के माध्यम से स्वाति ने छठ पर्व की धार्मिकता और पारिवारिक बंधनों को एक नई परिभाषा दी है।
इस गीत में दिखाया गया है कि कैसे एक मां, जो वृद्धाश्रम में रह रही है, अपने बेटे के लिए छठ का व्रत करती है। यह दृश्य हर उस श्रोता के दिल को छू जाता है जिसने कभी मां के प्यार का एहसास किया हो। स्वाति के इस प्रयास ने न केवल छठ पर्व की महत्ता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि परिवार के प्यार और रिश्तों की गहराई क्या होती है। आइए अब हम इस गीत की खासियत और अन्य जानकारियों पर नजर डालते हैं।
यहां देखें गाने का म्यूजिक वीडियो-
छठ पर्व की भावना में डूबा गीत
छठ पर्व, जो आस्था का एक महापर्व है, इस साल 25 से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इस पर्व का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक भी है। छठ का पर्व हमेशा से ही भक्ति और मधुर गीतों के बिना अधूरा लगता है। स्वाति ने अपने इंस्टाग्राम पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनका नया गीत ‘छठ के त्योहार’ अब यूट्यूब पर उपलब्ध है।
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गीत की कहानी
‘छठ के त्योहार’ गीत का स्क्रीनप्ले बेहद भावनात्मक है। इसमें एक पत्नी अपने पति से कहती है कि वह उसके माता-पिता के साथ नहीं रह सकती। इसके बाद बेटा अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम छोड़ आता है। सात महीनों बाद जब छठ का समय आता है, तो मां को बेटे की याद सताने लगती है। वृद्धाश्रम में रहकर भी वह बेटे की सलामती के लिए व्रत रखती है। गीत का हर दृश्य रिश्तों की कड़वाहट और मां के निस्वार्थ प्रेम दोनों को गहराई से छूता है। यह गाना जीवन के कठिनाईयों और पारिवारिक संबंधों की जटिलता को बड़ी खूबसूरती से दर्शाता है।
स्वाति मिश्रा के अन्य लोकप्रिय गीत
स्वाति मिश्रा भोजपुरी लोकसंगीत की मशहूर आवाज हैं। उनके कुछ लोकप्रिय छठ गीतों में शामिल हैं –
- ‘उगी-उगी दीनानाथ’
- ‘बांझिन के दर्दिया’
- ‘जोड़े-जोड़े फलवा’
- ‘भोरे-भोर घटिया पर’
- ‘करे माई कठिन बरतिया’
- ‘छठ करब हम’
स्वाति की गायकी हमेशा से ही भक्ति, भावनाओं और लोकसंस्कृति का संगम रही है। उनका नया गाना ‘छठ के त्योहार’ इसे एक बार फिर साबित करता है। स्वाति का संगीत ना केवल मनोरंजन करता है, बल्कि यह समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उजागर करता है।
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छठ पर्व का यह बदलाव और स्वाति मिश्रा का योगदान निश्चित रूप से इस महापर्व को और भी खास बना देता है। उनके नए गीत को सुनने के लिए सभी भक्तों और श्रोताओं को प्रेरित किया जाता है कि वे इसे जरूर सुनें और अपने परिवार के साथ इस पर्व की खुशियों को साझा करें।





