बिहार की मशहूर गायिका स्वर्गीय शारदा सिन्हा ने 20 अक्टूबर को अपने आधिकारिक यूट्यूब पेज पर छठ पर्व को समर्पित नया गीत ‘छठी मईया के दरबार’ जारी किया। इस गाने की रिकॉर्डिंग और निर्माण पर उनके बेटे अंशुमान सिन्हा ने गायिका उर्मिला कोरी से बातचीत की। शारदा सिन्हा की आवाज़ में इस गीत को सुनकर उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
छठी मईया के दरबार गाना एआई द्वारा नहीं बनाया गया है
‘छठी मईया के दरबार’ गीत के रिलीज होते ही कई लोग आशंका जताने लगे कि क्या यह गाना शारदा जी ने गाया है या इसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ने बनाया है। इस पर अंशुमान सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यह गाना उनकी मां की आवाज में ही है। उन्होंने बताया कि जब मां की तबीयत खराब हो गई थी, तब हम सभी को चिंता थी कि कहीं ऐसा न हो कि गाने की रिकॉर्डिंग न हो पाए। इसलिए, उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने से लगभग छह महीने पहले इस गाने की रिकॉर्डिंग की थी। पिछले साल ‘दुखवा मिटाईं छठी मईया’ भी उसी समय रिलीज हुआ था, जब वह अस्पताल में थीं।
गाने की मेकिंग में दो महीने लगे
अंशुमान ने कहा कि उन्होंने फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप से बातचीत की थी और उनकी मदद से संगीतकार स्नेहा खानविलकर से संपर्क किया। स्नेहा ने शारदा जी को एक म्यूजिकल ट्रिब्यूट देने का वादा किया। इस गाने के निर्माण में लगभग डेढ़ से दो महीने का समय लगा। उन्होंने बताया कि म्यूजिक मुंबई में डिजाइन किया गया है, जिसके लिए उन्हें पटना से कई बार मुंबई जाना पड़ा। भाषा की थोड़ी बाधा थी, इसलिए उन्हें स्नेहा को समझाना पड़ा कि गाने के शब्दों में क्या भाव है और उत्तर भारत के लोगों को किस तरह का संगीत पसंद है।
छठी मईया के दरबार का वीडियो फिल्म की तरह बनाया गया
इस गाने का वीडियो पूरी तरह से फिल्म की तरह बनाया गया है। इसमें एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर भी शामिल हैं और प्रोडक्शन में उच्च गुणवत्ता का उपकरण उपयोग किया गया है। कोक स्टूडियो के अंदाज में म्यूजिशियन को शूट किया गया और बाद में छठ घाटों के दृश्य जोड़े गए। चूंकि मां सशरीर उपस्थित नहीं थीं, इसलिए वीडियो में उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। यह सभी कलाकारों द्वारा उनको एक श्रद्धांजलि है।
मां के दो और गीत रिकॉर्डेड हैं
अंशुमान ने बताया कि उनकी मां की इच्छा थी कि उनके रिकॉर्डेड गाने अच्छे और खुशमिजाज तरीके से जारी किए जाएं। वह एक-दो और गानों के रिलीज की योजना बना रहे हैं। कुछ गाने घर में गाए गए हैं, जिन्हें रिक्रिएट किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वंदना दीदी को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। स्वर शारदा आर्ट फाउंडेशन का प्रयास रहेगा कि वे लोकसंस्कृति की धारा को जीवित रखें, जिससे उन्हें प्रेरणा मिली है। इसके साथ ही अश्लीलता के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम
स्वर्गीय शारदा सिन्हा की पुण्यतिथि 5 नवंबर को मनाई जाएगी। इस अवसर पर स्वर शारदा फाउंडेशन द्वारा एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें 12 कलाकारों का प्रदर्शन होगा। इस कार्यक्रम में पॉपुलर कलाकारों के साथ-साथ युवा कलाकार भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम शारदा जी की याद में एक भावुक श्रद्धांजलि होगा और संगीत प्रेमियों के लिए एक नया अनुभव प्रस्तुत करेगा।





