अनुराधा पौडवाल छठ गीत: छठ महापर्व का आगाज नहाय खाय के साथ हो गया है, जिससे हर जगह भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर, अनुराधा पौडवाल का प्रसिद्ध और सुपरहिट छठ गीत ‘अरघ के बेर’ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह गाना यूट्यूब पर करोड़ों बार देखा जा चुका है और आज भी महापर्व के दौरान लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। टी-सीरीज भक्ति सागर के आधिकारिक चैनल पर 2001 में रिलीज हुए इस गीत की लोकप्रियता अब भी वैसी ही है।
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गाने की विशेषताएँ
‘अरघ के बेर’ गाने को अनुराधा पौडवाल के साथ उनकी बेटी कविता पौडवाल ने भी अपनी आवाज दी है, जिससे इसकी मधुरता और भी बढ़ जाती है। इस गाने का संगीत सुरिंदर कोहली ने तैयार किया है और इसके बोल विनय बिहारी ने लिखे हैं। गाने में छठ पूजा की परंपरा, सूर्य देव को अर्घ्य देने का दृश्य और भक्तों की भावनाओं को बहुत खूबसूरती से दर्शाया गया है। छठ गीत को केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि इसकी सादगी और पवित्रता के लिए भी जाना जाता है। अनुराधा पौडवाल ने अब तक कई छठ गीत गाए हैं, जो भक्तों के दिलों में गहराई से बसे हुए हैं।
24 लाख से अधिक व्यूज की उपलब्धि
अनुराधा पौडवाल के इस गीत को पिछले 5 वर्षों में 24 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। छठ का त्योहार 28 अक्टूबर तक मनाया जाने वाला है, और नहाय खाय के दिन सभी लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। हर कोई इस त्योहार को मनाने के लिए साल भर का इंतजार करता है, और अब वह इंतजार समाप्त हो चुका है। यदि आप भी इस महापर्व के दौरान गानों की सूची बना रहे हैं, तो इस गाने को अवश्य शामिल करें।
छठ पूजा का महत्व
छठ पूजा एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य देवता और उनकी पत्नी उषा को समर्पित है। इस पूजा के माध्यम से भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करते हैं। छठ पूजा चार दिनों तक मनाई जाती है, जिसमें नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य शामिल हैं। इस पर्व के दौरान भक्त विशेष प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जैसे कि ठेकुआ, फलों का प्रसाद आदि।
अनुराधा पौडवाल का योगदान
अनुराधा पौडवाल भारतीय संगीत की एक प्रमुख हस्ती हैं, जिन्होंने भक्ति गीतों को अपने सुरों से सजाया है। उनका गाया हर छठ गीत श्रद्धा और भक्ति से भरा होता है, जो भक्तों को एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। ‘अरघ के बेर’ जैसे गाने न केवल छठ पर्व की महत्ता को बढ़ाते हैं, बल्कि लोगों के मन में भक्ति की भावना को भी जागृत करते हैं। उनके संगीत में एक अलौकिक शक्ति है, जो सुनने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
उपसंहार
छठ महापर्व का यह समय भक्ति और श्रद्धा का होता है, और इस अवसर पर अनुराधा पौडवाल के गाने ‘अरघ के बेर’ की धुन हर किसी के मन में गूंजती है। यह गाना न केवल एक संगीत रचना है, बल्कि यह एक भावना का प्रतीक है, जो भक्तों के मन में सूर्य देवता के प्रति श्रद्धा को और भी प्रगाढ़ करता है। इस महापर्व के दौरान, यदि आप भी इस गाने का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसे अपनी प्लेलिस्ट में जरूर शामिल करें।





