भिलाई नगर निगम में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: आयुक्त राजीव कुमार पांडेय का तबादला, सुरुचि सिंह को मिली कमान
भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर निगम में चल रही प्रशासनिक खींचतान आखिरकार एक बड़े बदलाव के साथ समाप्त हो गई है। राज्य शासन ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए भिलाई निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय का तबादला कर दिया है। उन्हें अब अपर संचालक, उच्च शिक्षा संचालनालय, नवा रायपुर अटल नगर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह प्रशासनिक फेरबदल लंबे समय से निगम के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ था और इसे महापौर नीरज पाल व कांग्रेस पार्षदों की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले कई महीनों से भिलाई नगर निगम में महापौर नीरज पाल और आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के बीच तालमेल का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। इस विवाद ने तब तूल पकड़ लिया जब महापौर ने आयुक्त को हटाने के लिए मोर्चा खोल दिया। मामला इतना गंभीर हो गया कि यह उच्च न्यायालय तक जा पहुंचा, जहां हालांकि महापौर की याचिका खारिज हो गई थी, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस तबादले को सत्ता और प्रशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। शासन द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
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राजनांदगांव की सीईओ सुरुचि सिंह होंगी भिलाई की नई नगर निगम आयुक्त
राज्य सरकार ने राजीव कुमार पांडेय की जगह 2020 बैच की आईएएस अधिकारी सुरुचि सिंह को भिलाई नगर निगम की नई आयुक्त के रूप में नियुक्त किया है। इससे पहले सुरुचि सिंह राजनांदगांव जिला पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। अपनी प्रशासनिक कुशलता और कार्यशैली के लिए पहचानी जाने वाली सुरुचि सिंह के लिए भिलाई जैसे बड़े और जटिल नगर निगम की बागडोर संभालना एक बड़ी चुनौती होगी। उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही अपना पदभार ग्रहण करेंगी और निगम की ठप पड़ी योजनाओं को गति प्रदान करेंगी।
30 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी महिला अधिकारी को मिली भिलाई की कमान
भिलाई नगर निगम के इतिहास में यह नियुक्ति एक मील का पत्थर साबित हो रही है। 8 जून 1996 को गठित भिलाई नगर निगम ने अब तक 26 आयुक्तों का कार्यकाल देखा है, लेकिन यह पहला अवसर है जब किसी महिला आईएएस अधिकारी को निगम की बागडोर सौंपी गई है। सुरुचि सिंह भिलाई की 27वीं आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालेंगी। भिलाई जैसे औद्योगिक और घनी आबादी वाले शहर में पहली महिला आयुक्त की नियुक्ति से आम जनता और निगम कर्मचारियों को नई उम्मीदें हैं।
नई आयुक्त के सामने खड़ी हैं ये प्रमुख चुनौतियां
सुरुचि सिंह के सामने भिलाई नगर निगम की कमान संभालते ही कई जटिल मुद्दे मुंह बाए खड़े हैं। निगम की आर्थिक स्थिति और विकास कार्यों को पटरी पर लाना उनकी प्राथमिकता में शामिल होगा। प्रमुख चुनौतियां इस प्रकार हैं:
- वेतन संकट: निगम कर्मचारियों के वेतन का भुगतान समय पर सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती है, जिससे आए दिन काम प्रभावित होता है।
- आवास योजनाएं: प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लंबित निर्माण कार्यों को पूरा करना और पात्र हितग्राहियों को घर सौंपना।
- राजस्व वसूली: निगम की आय बढ़ाने के लिए बकाया टैक्स की वसूली करना और राजस्व के नए स्रोत तलाशना।
- शहर का विकास और बुनियादी सुविधाएं: शहर में साफ-सफाई, सड़कें और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना।
- राजनीतिक सामंजस्य: महापौर और निर्वाचित पार्षदों के साथ बेहतर समन्वय बिठाकर शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाना।
भिलाई के नागरिक और जनप्रतिनिधि अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि नई आयुक्त के आने से निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और वर्षों से लंबित पड़े विकास कार्य तेजी से पूर्ण होंगे। सुरुचि सिंह के सामने न केवल प्रशासनिक दक्षता साबित करने की चुनौती है, बल्कि उन्हें शहर के राजनीतिक और सामाजिक वातावरण को साधते हुए जनहित में बड़े फैसले भी लेने होंगे। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि नई आयुक्त भिलाई की समस्याओं का समाधान किस गति से निकाल पाती हैं।





