छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर समेत 5 आईएएस अधिकारियों का तबादला
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने गुरुवार को राज्य के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश के 5 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के कार्यभार में तत्काल प्रभाव से बदलाव किया गया है। इस फेरबदल को राज्य सरकार की प्रशासनिक दक्षता को और अधिक सुदृढ़ करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इस तबादला सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन का है। उन्हें महज दो महीने के संक्षिप्त कार्यकाल के बाद ही जिले की कमान से हटा दिया गया है। सरकार ने उन्हें अब मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी है। उनकी जगह पर तकनीकी शिक्षा विभाग के संचालक विजय दयाराम को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
यह प्रशासनिक फेरबदल केवल जिलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के महत्वपूर्ण विभागों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देकर सरकार ने कामकाज में तेजी लाने के संकेत दिए हैं। प्रशासनिक गलियारों में इस फेरबदल को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि आगामी समय में कई सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार बेहद सतर्क नजर आ रही है।
किन अधिकारियों को मिली कौन सी जिम्मेदारी?
प्रशासनिक आदेश के तहत अन्य अधिकारियों की पदस्थापना इस प्रकार है:
- हेमंत रमेश नंदनवार (IAS 2020): इन्हें महासमुंद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के पद से हटाकर संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण के पद पर पदस्थ किया गया है। साथ ही, उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के प्रबंध संचालक (MD) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
- सुमित अग्रवाल (IAS 2021): दुर्ग नगर निगम के आयुक्त के पद पर कार्यरत सुमित अग्रवाल को अब छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही वे रिमिजियस एक्का (IAS 2011) को इस पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करेंगे।
- अनुपमा आनंद (IAS 2023): सरायपाली (महासमुंद) की एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रहीं अनुपमा आनंद को पदोन्नति के साथ बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें अब महासमुंद जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक दक्षता के लिए बड़ा कदम
राज्य सरकार द्वारा किए गए इन तबादलों का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाना और योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। विशेष रूप से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जैसे जिले में कलेक्टर का बदला जाना काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
बता दें कि इन सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपना नवीन पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारी जल्द से जल्द अपनी नई जिम्मेदारी संभालें ताकि सरकारी कामकाज में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नए पद पर तैनात अधिकारी किस तरह से अपनी कार्यशैली से जनता के बीच अपनी छाप छोड़ते हैं।
प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर चल रही इस कवायद को आगामी विधानसभा और सरकारी प्राथमिकताओं के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का पूरा ध्यान अब बेहतर प्रशासन और जवाबदेही तय करने पर है।





