Justice: छत्तीसगढ़ में IC Mart की प्रताड़ना से तंग छात्रा ने की आत्महत्या, मार्ट सील

Summary

छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। पुलिस लाइन क्षेत्र में रहने वाली एक 17 वर्षीय छात्रा ने प्रबंधन की कथित प्रताड़ना और मानसिक दबाव के चलते अपने ही घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतका की पहचान प्रधान आरक्षक शिवनाथ सिंह पैकरा की बेटी…

बैकुंठपुर में दिल दहलाने वाली घटना: आईसी मार्ट प्रबंधन की प्रताड़ना से तंग आकर 17 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या

छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। पुलिस लाइन क्षेत्र में रहने वाली एक 17 वर्षीय छात्रा ने प्रबंधन की कथित प्रताड़ना और मानसिक दबाव के चलते अपने ही घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतका की पहचान प्रधान आरक्षक शिवनाथ सिंह पैकरा की बेटी रितु सिंह के रूप में हुई है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और स्थानीय लोगों में आईसी मार्ट के प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि छात्रा को आईसी मार्ट प्रबंधन द्वारा चोरी के झूठे आरोपों में फंसाया गया था। प्रबंधन ने छात्रा को डरा-धमकाकर एक कोरे कागज पर जबरन यह लिखवा लिया था कि उसने मार्ट से कॉस्मेटिक का सामान चुराया है। इस घटना के बाद से ही छात्रा गहरे मानसिक तनाव में थी, जो अंततः उसकी मौत का कारण बन गया। परिजनों का आरोप है कि प्रबंधन ने इस मामले को सुलझाने के नाम पर लगातार पैसों की अवैध वसूली का प्रयास किया था।

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प्रबंधन की अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न का खेल

मृतका के परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आईसी मार्ट के प्रबंधन ने रितु को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। मामला तब और गंभीर हो गया जब प्रबंधन ने चोरी के हर्जाने के नाम पर अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग राशि की मांग की। परिजनों के अनुसार, शुरुआती दौर में छात्रा से 15 हजार रुपये मांगे गए थे। जब छात्रा के चाचा मामले की जानकारी मिलने पर मार्ट पहुंचे, तो प्रबंधन ने राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी।

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब छात्रा के पिता, जो कि खुद पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, अपनी बेटी के बचाव में मार्ट पहुंचे। प्रबंधन ने उनसे 50 हजार रुपये की मोटी रकम की मांग की। जब परिजनों ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो प्रबंधन ने दबंगई दिखाते हुए छात्रा की स्कूटी तक छीन ली। लगातार हो रही इस बदनामी और मानसिक यातना से आहत होकर छात्रा ने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

पुलिस की सख्त कार्रवाई: आईसी मार्ट को किया गया सील

इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। बैकुंठपुर सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल प्रभाव से आईसी मार्ट को सील कर दिया है, ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। सिटी कोतवाली प्रभारी राजेश तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

जांच के दायरे में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • सीसीटीवी फुटेज की जांच: एफएसएल की टीम मार्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि सच सामने आ सके।
  • प्रबंधन की भूमिका: मार्ट के उन कर्मचारियों और अधिकारियों की पहचान की जा रही है जिन्होंने छात्रा पर दबाव बनाया था।
  • साक्ष्यों का संकलन: दुकान से बरामद दस्तावेजों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है।
  • वैधानिक कार्रवाई: जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन के खिलाफ सख्त आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।

फिलहाल, पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग मांग कर रहे हैं कि छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि कैसे छोटी-छोटी बातों पर मानसिक दबाव बनाकर युवाओं को गलत कदम उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस की अगली कार्रवाई का सभी को इंतजार है।