जगुआर लैंड रोवर पर बड़ा साइबर अटैक
नई दिल्ली: जगुआर लैंड रोवर (JLR), जो कि भारत की टाटा मोटर्स के स्वामित्व में है, पर हुए एक बड़े साइबर हमले ने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को लगभग $2.55 बिलियन (£1.9 बिलियन) का नुकसान पहुँचाया है। यह रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई, जिसमें इस हमले के प्रभावों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
इस हमले के कारण JLR की उत्पादन प्रक्रिया को लगभग छह हफ्तों तक बंद करना पड़ा, जिससे हजारों सप्लायर्स और डीलरशिप प्रभावित हुए। इसे ब्रिटेन में अब तक का सबसे महंगा साइबर हमला माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 5,000 से अधिक कंपनियाँ इस घटना से प्रभावित हुई हैं, जो साइबर मॉनिटरिंग सेंटर (CMC) द्वारा तैयार की गई है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का विश्लेषण
CMC एक स्वतंत्र समूह है, जिसमें साइबर सुरक्षा के विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र के पूर्व प्रमुख भी शामिल हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि JLR को उत्पादन शुरू करने में और अधिक देरी होती, तो वित्तीय नुकसान और भी अधिक होता। इस हमले को ब्रिटेन में अब तक का सबसे महंगा साइबर घटना बताया गया है।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि अधिकांश नुकसान JLR के कारों का उत्पादन रोकने के कारण हुआ, जो इसके कई सप्लायर्स पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। JLR के पास ब्रिटेन में तीन फैक्ट्रियाँ हैं, जो मिलाकर लगभग 1,000 कारें प्रतिदिन बनाती हैं। इस साइबर हमले के कारण उत्पादन लगभग छह हफ्तों के लिए बंद रहा।
सरकार की सहायता और वित्तीय क्षति
JLR ने इस महीने की शुरुआत में उत्पादन फिर से शुरू किया। उत्पादन बंद होने से पहले, कंपनी लगभग 50 मिलियन पाउंड प्रति सप्ताह का नुकसान झेल रही थी। इस कठिन समय में JLR और उसके सप्लायर्स की मदद करने के लिए, ब्रिटिश सरकार ने सितंबर के अंत में 1.5 बिलियन पाउंड का ऋण गारंटी प्रदान की थी।
ब्रिटेन की अन्य कंपनियों पर साइबर हमले
JLR पर यह साइबर हमला इस वर्ष कई बड़े साइबर हमलों में से एक था, जिसने महत्वपूर्ण ब्रिटिश कंपनियों को निशाना बनाया। उदाहरण के लिए, रिटेलर मार्क्स एंड स्पेंसर ने अप्रैल में एक उल्लंघन के कारण अपने ऑनलाइन सेवाएँ दो महीने के लिए बंद होने के कारण लगभग 300 मिलियन पाउंड का नुकसान उठाया।
साइबर सुरक्षा घटनाओं का वित्तीय प्रभाव
CMC ने ब्रिटिश व्यवसायों पर ऐसे साइबर सुरक्षा घटनाओं के वित्तीय प्रभाव को रेटिंग देने के लिए एक प्रणाली विकसित की है। JLR के साइबर हमले को श्रेणी 3 प्रणालीगत घटना के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो एक से पांच के पैमाने पर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले ने न केवल JLR के निर्माण में बाधा डाली, बल्कि इसके सप्लाई चेन और देशभर में कार डीलरशिप को भी प्रभावित किया।
भविष्य की चुनौतियाँ
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सुरक्षा उपायों को मजबूत करना कितना आवश्यक है। कंपनियों को अब अधिक सतर्क रहना होगा और साइबर हमलों के प्रति अपनी सुरक्षा प्रणाली को अद्यतन करना होगा। यह समय है कि व्यवसाय अपने डेटा और सिस्टम की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों से बचा जा सके।
