मुंबई: सोने की कीमतों में वृद्धि, व्यापार सौदे की उम्मीद
मुंबई में, गुरुवार की सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में वृद्धि देखने को मिली है। यह वृद्धि भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार सौदे की खबरों के चलते हुई है। इस सकारात्मक माहौल ने निवेशकों के बीच कीमती धातुओं के प्रति उत्साह बढ़ा दिया है।
शुरुआती व्यापार में, MCX गोल्ड दिसंबर वायदा अनुबंध 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10 ग्राम के लिए 1,22,938 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इसी प्रकार, MCX चांदी के दिसंबर अनुबंध ने भी 0.93 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, और इसका मूल्य 1,46,915 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।
विश्लेषकों की भविष्यवाणी और वैश्विक बाजार का प्रभाव
विश्लेषकों के अनुसार, MCX सोने की कीमतें दिसंबर के अंत तक 1,21,500 से 1,23,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच में रहने की उम्मीद है। हालांकि, वैश्विक बाजार में सोने की कीमतें अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण थोड़ी कम हुई हैं, क्योंकि निवेशक अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण महंगाई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। यह आंकड़े फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर अगली कार्रवाई को प्रभावित कर सकते हैं।
सुबह 3:10 बजे जीएमटी के अनुसार, स्पॉट गोल्ड की कीमत में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो अब $4,084.29 प्रति औंस पर है, जबकि अमेरिका में दिसंबर डिलीवरी के लिए सोने के वायदा अनुबंधों में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कि $4,100.90 प्रति औंस हो गया है।
मजबूत डॉलर का प्रभाव और सोने की कीमतों का भविष्य
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे सोना विदेशी खरीदारों के लिए महंगा हो गया है। विश्लेषकों का कहना है कि “सोने की कीमतें एक महत्वपूर्ण वृद्धि के बाद एक नए चरण में चली गई हैं और यह लगातार उतार-चढ़ाव में है।” उन्होंने बताया कि “सोना 1979 के बाद से अपनी सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि की राह पर है, जिसमें साल दर साल 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।”
इस वर्ष, सोने ने $3,000 प्रति ट्रॉय औंस के मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध स्तर को मार्च में और $4,000 को अक्टूबर में पार कर लिया है। यह दर्शाता है कि बाजार में सोने की मांग लगातार बनी हुई है।
भारतीय रुपये की स्थिति और व्यापार सौदे की उम्मीदें
इसी बीच, भारतीय रुपये ने दिवाली के बाद मजबूती दिखाई है, जो अमेरिकी व्यापार सौदे की बातचीत को लेकर सकारात्मकता से प्रेरित है। रुपये ने डॉलर के मुकाबले 87.83 पर शुरुआत की, जो कि पिछले बंद भाव 87.93 से 10 पैसे की वृद्धि दर्शाता है।
स्मरणीय है कि 21 और 22 अक्टूबर को दिवाली के कारण मुद्रा और बांड बाजार बंद रहे थे। इस दौरान, बाजार में गतिविधियों की कमी ने निवेशकों के लिए एक नई रणनीति तैयार करने का अवसर दिया है।
निवेशकों के लिए यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सोने की कीमतों में वृद्धि और रुपये की मजबूती व्यापारिक रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक स्थिति और मुद्रा बाजार की प्रवृत्तियों पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी।





