दिवाली 2025: इस वर्ष दिवाली के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने परंपरागत तरीके से सैनिकों के साथ इस त्योहार का जश्न मनाया। उन्होंने गोवा और करवार के तट पर स्थित INS विक्रांत का दौरा किया और स्वदेशी विमानवाहक पोत पर उपस्थित सैनिकों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने INS विक्रांत को “आत्मनिर्भर भारत का एक विशाल प्रतीक” बताया। उन्होंने कहा, “स्वदेशी INS विक्रांत, महासागरों के बीच से गुजरते हुए, भारत की सैन्य ताकत का प्रतीक है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि INS विक्रांत केवल एक युद्धपोत नहीं है, बल्कि 21वीं सदी के भारत की मेहनत, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है। उन्होंने कहा, “विक्रांत विशाल, व्यापक और दीप्तिमान है। विक्रांत अद्वितीय है, विक्रांत विशेष है।”
भारत का INS विक्रांत
INS विक्रांत की प्रमुख विशेषताएँ:
- 1- यह पोत चार गैस टरबाइनों द्वारा संचालित है, जो कुल 88 मेगावाट की शक्ति प्रदान करता है और इसकी अधिकतम गति 28 नॉट्स है।
- 2- लगभग 20,000 करोड़ रुपये की कुल लागत में निर्मित, यह परियोजना तीन चरणों में आगे बढ़ी, जो क्रमशः मई 2007, दिसंबर 2014 और अक्टूबर 2019 में समाप्त हुई।
- 3- इस पोत की कील फरवरी 2009 में रखी गई थी, इसके बाद अगस्त 2013 में लॉन्च किया गया।
- 4- इसमें कुल स्वदेशी सामग्री का 76 प्रतिशत शामिल है।
- 5- INS विक्रांत की डिलीवरी के साथ, भारत ऐसे चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास स्वदेशी रूप से विमानवाहक पोत डिजाइन और निर्माण करने की क्षमता है।
- 6- यह पोत 30 विमानों के एक वायु विंग का संचालन करने में सक्षम है, जिसमें MIG-29K लड़ाकू विमान, Kamov-31, MH-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर के अलावा स्वदेशी रूप से निर्मित Advanced Light Helicopters (ALH) और Light Combat Aircraft (LCA) (नौसेना) शामिल हैं।
अपने दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों से बातचीत की और कहा कि वह इस दीपों के त्योहार को नौसेना के कर्मियों के साथ मनाने के लिए भाग्यशाली हैं। उनका यह कदम न केवल सैनिकों के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार देश की रक्षा में लगे हुए जवानों के प्रति कितनी संवेदनशील है।
इस तरह के आयोजनों से न केवल सैनिकों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि देशवासियों में एकता और भाईचारे की भावना बनी रहे। प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे ने यह साबित कर दिया कि सरकार सुरक्षा बलों की भलाई के प्रति गंभीर है और त्योहारों के दौरान भी उनके साथ खड़ी है।
(ANI की सूचनाओं के साथ)





