प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते का बड़ा बयान: ‘मेरा बस चले तो पूरे क्षेत्र को कर दूं शराब-मुक्त’, वीडियो वायरल
छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की विधायक शकुंतला पोर्ते का एक बयान चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में विधायक पोर्ते ने शराबबंदी और नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने न केवल अपनी मंशा जाहिर की, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को जिम्मेदारी के साथ आगे आने का आह्वान भी किया है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर शराबबंदी के मुद्दे को गरमा दिया है।
विधायक शकुंतला पोर्ते ने कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके हाथ में सब कुछ हो और अधिकार क्षेत्र में आए, तो वे अपने पूरे विधानसभा क्षेत्र को पूरी तरह से शराब-मुक्त घोषित कर देंगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किसी भी व्यक्ति पर जबरन दबाव डालकर उसे शराब पीने से नहीं रोका जा सकता है। उनका मानना है कि नशा मुक्ति एक ऐसा विषय है जिसमें व्यक्ति की अपनी इच्छाशक्ति और सामाजिक सहयोग सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि कानून से ज्यादा जागरूकता से बदलाव आता है।
यह भी पढ़ें– Corruption: पंचायत मंत्री के क्षेत्र में सड़क घोटाले पर बड़ी कार्रवाई, इंजीनियर निलंबित
यह भी पढ़ें– Transport: BOCI प्रवास 5.0 में छत्तीसगढ़ के बस ऑपरेटर्स ने गडकरी के सामने रखीं समस्याएं
यह भी पढ़ें– Corruption: छत्तीसगढ़ में पहली ही बारिश में 2.88 करोड़ का पुल ढहा, निर्माण पर उठे सवाल
समाज के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक संदेश
विधायक ने अपने संबोधन में आगे कहा कि शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज की नींव को कमजोर करने का काम करता है। उन्होंने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे अपनी बुरी आदतों को त्यागकर एक बेहतर और सकारात्मक जीवनशैली को अपनाएं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि एक व्यक्ति भी नशे की लत से दूर होता है, तो उसका सीधा लाभ उसके परिवार को मिलता है और अंततः समाज के विकास में भी योगदान देता है।
विधायक का यह मानना है कि एक विकसित और समृद्ध समाज की कल्पना तभी की जा सकती है जब वह नशामुक्त हो। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति अभियान को एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझें और अपने आसपास के माहौल को सुधारने में सहयोग करें। उनके इस बयान का स्थानीय लोगों के बीच काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और लोग उनके इस दृष्टिकोण की जमकर सराहना कर रहे हैं।
नशामुक्ति के प्रति विधायक की प्रतिबद्धता के मुख्य बिंदु:
- दृढ़ इच्छाशक्ति: विधायक शकुंतला पोर्ते ने क्षेत्र को पूर्णतः शराब-मुक्त बनाने की अपनी स्पष्ट मंशा जाहिर की है।
- स्वैच्छिक सुधार: उन्होंने माना कि जबरदस्ती के बजाय लोगों को खुद जागरूक होकर नशे से दूरी बनानी चाहिए।
- सामाजिक प्रभाव: नशामुक्त समाज ही क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की वास्तविक नींव है।
- जन-भागीदारी: विधायक ने आम जनता से नशामुक्ति के इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा और जनता की प्रतिक्रिया
शकुंतला पोर्ते का यह वीडियो सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ में शराबबंदी की मांग को लेकर बहस फिर से छिड़ गई है। जहां एक ओर विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करता है, वहीं सत्ता पक्ष की एक विधायक का इस तरह का बयान जनता के बीच एक अलग संदेश लेकर आया है। लोग यह मान रहे हैं कि विधायक की यह सोच न केवल साहसी है, बल्कि क्षेत्र की भलाई के प्रति उनकी गंभीरता को भी दर्शाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई लोग इसे एक सराहनीय कदम बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसे धरातल पर उतारने की चुनौती पर भी चर्चा कर रहे हैं। बहरहाल, विधायक शकुंतला पोर्ते ने यह साबित कर दिया है कि वे न केवल अपने क्षेत्र के विकास के लिए तत्पर हैं, बल्कि वे समाज को एक बेहतर दिशा देने के लिए कड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाने का साहस भी रखती हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विधायक का यह आह्वान उनके क्षेत्र में कोई बड़ा सामाजिक बदलाव ला पाता है या नहीं।




