Crime: आकाश कश्यप हत्याकांड का खुलासा, नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

Summary

गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित आकाश कश्यप हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को भी संरक्षण में लिया गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत…

गरियाबंद में आकाश कश्यप हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: मामूली विवाद ने ली जान, 6 आरोपी गिरफ्तार

गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित आकाश कश्यप हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को भी संरक्षण में लिया गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया है।

घटना की शुरुआत 3 जुलाई 2026 को हुई थी, जब आकाश कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआत में मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। परिजनों के आक्रोश और प्रारंभिक साक्ष्यों को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और गहन छानबीन शुरू की।

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जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के नतीजों ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि आकाश की मौत किसी दुर्घटना में नहीं, बल्कि उसे लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटने के कारण हुई है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज कर दी। पुलिस ने संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

ऐसे हुई वारदात, पुलिस ने बरामद किए हथियार

पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह कोई पूर्व नियोजित साजिश नहीं थी, बल्कि एक मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। आरोपियों ने आक्रोश में आकर आकाश पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए दो लकड़ी के डंडे भी बरामद कर लिए हैं।

इस हत्याकांड में पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • देवकुमार निषाद (20 वर्ष)
  • भीखम यादव (18 वर्ष)
  • मनीष यादव (19 वर्ष)
  • लक्की नेताम (19 वर्ष)
  • लोकेश यादव (23 वर्ष)
  • डिगेंद्र निर्मलकर (18 वर्ष)

इनके अलावा, एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को भी पुलिस ने संरक्षण में लिया है, जिसके विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सभी छह बालिग आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

पुलिस की सतर्कता और जांच का दायरा

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में संपन्न हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में मैनपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने इस केस को सुलझाने में दिन-रात एक कर दिया। पुलिस अब इस पहलू पर भी गौर कर रही है कि क्या इस मारपीट के पीछे कोई पुरानी रंजिश या आपसी द्वेष तो नहीं था, जिसने झगड़े को इतना बड़ा रूप दिया।

फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान कोई और नया तथ्य सामने आता है, तो आरोपियों के खिलाफ और भी सख्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थानीय लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं के बीच बढ़ते हिंसक व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर समाज में चर्चा तेज हो गई है।