रायगढ़ में जंगली हाथी का तांडव: जंगल गए ग्रामीण को कुचलकर उतारा मौत के घाट, क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला धर्मजयगढ़ वन मंडल के अंतर्गत आने वाले पीडिया-तुर्रीकटरा मार्ग का है, जहां एक जंगली हाथी ने जंगल में गए एक ग्रामीण को अपना शिकार बना लिया। हाथी के हमले में ग्रामीण की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण अब जंगल जाने से भी कतरा रहे हैं।
मृतक की पहचान 55 वर्षीय जहाज़ सिंह राठिया के रूप में की गई है, जो पीडिया गांव का ही निवासी था। बताया जा रहा है कि गुरुवार को जहाज़ सिंह अपनी दिनचर्या के अनुसार जंगल की ओर गया था। इस दौरान वह जंगल से ‘पुटु’ (एक प्रकार का जंगली मशरूम) एकत्र करने का प्रयास कर रहा था, तभी उसे हाथी के होने का आभास नहीं हुआ और वह अनजाने में उस रास्ते पर चला गया जहां हाथी मौजूद था।
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प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जंगली हाथी ने जैसे ही ग्रामीण को देखा, उस पर जानलेवा हमला कर दिया। हाथी की ताकत के सामने ग्रामीण को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
वन विभाग और प्रशासनिक अमला सक्रिय
घटना की जानकारी मिलते ही धर्मजयगढ़ वन मंडल के अधिकारी और स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम तुरंत हरकत में आई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और प्रभावित परिवार को नियमानुसार मुआवजा राशि दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
हाथी-मानव द्वंद्व की बढ़ती घटनाओं ने वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हाथियों का दल रिहायशी इलाकों के करीब पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों की जान-माल का खतरा बना रहता है। वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और निम्नलिखित सुरक्षा उपायों का पालन करने को कहा है:
- अकेले जंगल न जाएं: वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में अकेले जंगल के भीतर प्रवेश न करें।
- हाथी दिखने पर दूरी बनाए रखें: यदि कहीं भी हाथियों का झुंड या अकेला हाथी दिखाई दे, तो तुरंत वहां से सुरक्षित दूरी बना लें और शोर न मचाएं।
- रात के समय आवाजाही से बचें: जंगल से जुड़े रास्तों पर रात या अंधेरे के समय निकलने से परहेज करें।
- वन विभाग को सूचना दें: अपने क्षेत्र में हाथियों की हलचल देखते ही तुरंत वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर या संबंधित बीट गार्ड को सूचित करें।
क्षेत्र में दहशत का माहौल
इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। जहाज़ सिंह राठिया की मौत से उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में हाथियों की निगरानी के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिसके कारण आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। लोगों की मांग है कि हाथियों के झुंड पर ट्रैकिंग के जरिए नजर रखी जाए ताकि ग्रामीणों को समय रहते चेतावनी दी जा सके।
फिलहाल, वन विभाग की टीम पूरे वन क्षेत्र में गश्त बढ़ा रही है ताकि हाथी को वापस घने जंगलों की ओर खदेड़ा जा सके। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन विभाग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।





