Ayodhya: चित्रकूट पहुंचे CM योगी, कामदगिरि की 5 किमी पैदल परिक्रमा की

Summary

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार की सुबह धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान कामतानाथ के चरणों में शीष झुकाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चित्रकूट की पवित्र भूमि पर उतरे सीएम योगी का यह दौरा पूरी तरह से भक्ति और अध्यात्म के रंग में रंगा…

चित्रकूट की पावन धरा पर सीएम योगी का आध्यात्मिक प्रवास: कामदगिरि की परिक्रमा कर लिया आशीर्वाद

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार की सुबह धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान कामतानाथ के चरणों में शीष झुकाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चित्रकूट की पवित्र भूमि पर उतरे सीएम योगी का यह दौरा पूरी तरह से भक्ति और अध्यात्म के रंग में रंगा हुआ था। कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री एक आम श्रद्धालु की तरह पैदल चलते नजर आए, जिसे देखकर वहां मौजूद भक्तों का उत्साह सातवें आसमान पर था। रामलला की तपोभूमि चित्रकूट में भगवाधारी मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

चित्रकूट का यह क्षेत्र पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम के वनवास काल का सबसे प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ की मिट्टी में कण-कण में राम नाम का वास माना जाता है। मुख्यमंत्री का यहां आना न केवल एक प्रशासनिक दौरा था, बल्कि यह उनकी गहरी आस्था और सनातन धर्म के प्रति समर्पण को भी दर्शाता है। सुबह के शांत वातावरण में जब मुख्यमंत्री ने परिक्रमा मार्ग पर कदम रखा, तो वातावरण ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। सुरक्षा के कड़े घेरे के बावजूद, मुख्यमंत्री का सरल और शांत व्यक्तित्व देखकर वहां मौजूद स्थानीय लोग और साधु-संत अभिभूत दिखाई दिए।

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भक्ति का सफर: संतों के साथ पूरी की 5 किलोमीटर की पदयात्रा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चित्रकूट दौरा उनकी सादगी और धार्मिक निष्ठा का एक जीवंत उदाहरण रहा। इस यात्रा के दौरान उन्होंने जिस प्रकार से 5 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी की, वह चर्चा का विषय बनी रही। उनके दौरे की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • बरहा हनुमान मंदिर में विशेष पूजा: सुबह लगभग 7:10 बजे मुख्यमंत्री सबसे पहले ऐतिहासिक बरहा हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान के साथ बजरंगबली की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की।
  • कामदगिरि की परिक्रमा: हनुमान मंदिर में माथा टेकने के तुरंत बाद सीएम योगी कामदगिरि पर्वत की करीब 5 किलोमीटर लंबी पवित्र परिक्रमा के लिए निकल पड़े। उन्होंने यह पूरी दूरी पैदल तय की।
  • साधु-संतों से संवाद: परिक्रमा के दौरान सीएम योगी पूरी तरह से एक साधक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने मार्ग में मिले साधु-संतों का अभिवादन किया और उनके साथ चलते हुए धार्मिक विषयों पर चर्चा भी की।
  • श्रद्धालुओं का उत्साह: परिक्रमा मार्ग पर मौजूद आम जनता और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

रास्ते भर गूंजा जय श्रीराम, बंदरों को खिलाया चना

योगी आदित्यनाथ के परिक्रमा मार्ग पर कदम रखते ही पूरा चित्रकूट राममय हो गया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर श्रद्धालु अत्यंत प्रसन्न थे। परिक्रमा मार्ग के दौरान सीएम योगी का एक बेहद आत्मीय और दयालु रूप भी देखने को मिला। उन्होंने परिक्रमा पथ पर मौजूद बंदरों को अपने हाथों से चना खिलाया। हिंदू धर्म में वानर राज हनुमान के स्वरूप माने जाते हैं, और मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें भोजन कराने की इस क्रिया को वहां मौजूद लोगों ने श्रद्धा भाव से देखा।

पूरे मंदिर परिसर और 5 किलोमीटर के रास्ते में श्रद्धालुओं ने ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जमकर जयघोष किए। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को संभाल रहे पुलिसकर्मी भी भक्ति भाव में लीन दिखाई दिए। मुख्यमंत्री के चेहरे पर एक गजब की शांति थी, जो उनके अध्यात्म के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शा रही थी। उन्होंने न केवल परिक्रमा की, बल्कि मार्ग में आने वाले छोटे-छोटे मंदिरों के प्रति भी अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा का पहरा, बांदा के लिए हुए रवाना

एक राज्य के मुख्यमंत्री की मौजूदगी और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद था। पूरे 5 किलोमीटर के परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा के इतने कड़े और व्यापक इंतजाम किए गए थे कि व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। खुफिया एजेंसियों से लेकर स्थानीय पुलिस तक, हर कोई अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाता दिखा। मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती गई थी, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो और दर्शन का क्रम भी सुचारू रूप से चलता रहे।

अपनी यह धार्मिक यात्रा और पवित्र परिक्रमा सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय संतों और प्रशासन के अधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे चित्रकूट से बांदा के लिए रवाना हो गए। उनके इस दौरे ने न केवल स्थानीय लोगों में एक नई ऊर्जा का संचार किया है, बल्कि चित्रकूट के धार्मिक पर्यटन को भी एक नई पहचान दी है। सुरक्षा घेरे के बीच संपन्न हुआ यह दौरा एक बार फिर मुख्यमंत्री के सरल और धार्मिक व्यक्तित्व को सुर्खियों में ले आया है।