22 अक्टूबर 2025 का पंचांग गोवर्धन पूजा और अन्नकूट पर्व के कारण विशेष महत्व रखता है। यह दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि और बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन प्रतिपदा तिथि रात 8:16 बजे तक रहेगी। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06:26 से 08:42 बजे तक रहेगा, जो गोवर्धन पर्वत की पूजा, गायों की सेवा और भगवान कृष्ण को नए अन्न का भोग अर्पित करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा, एमपी, छिंदवाड़ा के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी के अनुसार, आज का दिन स्वाति नक्षत्र में रहेगा और चंद्रमा तुला राशि में होगा, जिससे यह दिन आध्यात्मिक गतिविधियों और सुख-समृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है। आइए, अब हम इस दिन के पंचांग का विस्तार से अवलोकन करते हैं।
आज का अशुभ मुहूर्त 22 अक्टूबर 2025
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 12:05 बजे से 01:30 बजे तक |
| गुलिक काल | सुबह 10:40 बजे से 12:05 बजे तक |
| यमगंड | सुबह 07:51 बजे से 09:16 बजे तक |
आज व्रत और त्योहार 22 अक्टूबर 2025
22 अक्टूबर 2025 को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि होने के कारण यह दिन मुख्य रूप से गोवर्धन पूजा और अन्नकूट पर्व के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है और उन्हें विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाता है। यह त्योहार प्रकृति और समृद्धि के प्रति आस्था व्यक्त करने का प्रतीक है। इस दिन बलि प्रतिपदा और नव सम्वत प्रारंभ यानी गुजराती नव वर्ष भी मनाया जाता है, जिससे यह दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष हो जाता है।
गोवर्धन पूजा का महत्व इस बात में है कि यह भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की सेवा और गायों की महत्ता को दर्शाता है। इस दिन भक्तगण अपने घरों में गोवर्धन जी की प्रतिमा बनाते हैं और उनकी पूजा करते हैं। अन्नकूट के दिन, भक्तगण भगवान को विभिन्न प्रकार के पकवानों का भोग अर्पित करते हैं, जो कि समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है। इस दिन विशेष रूप से चावल, दाल, सब्जियां, मिठाई और अन्य व्यंजन तैयार किए जाते हैं।
आज का उपाय 22 अक्टूबर 2025
गोवर्धन पूजा और अन्नकूट के पर्व पर, इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण उपाय है कि आप गाय के गोबर या मिट्टी से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं। इसके बाद, भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन महाराज की पूजा करें। उन्हें छप्पन भोग अर्पित करें, जिसमें कढ़ी, चावल और बाजरा अवश्य शामिल हों। इसके अलावा, गोवर्धन पर्वत की सात बार परिक्रमा करें।
गायों की पूजा करना भी इस दिन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गायों को तिलक लगाएं और उन्हें हरा चारा या गुड़ खिलाएं। इस दिन गाय को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। इस उपाय को करने से भगवान कृष्ण और गोवर्धन महाराज प्रसन्न होते हैं, जिससे घर में धन, अन्न और समृद्धि बनी रहती है। इसके साथ ही, यह उपाय जीवन में खुशहाली लाने का भी काम करता है।
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